
साल 2023 में शुरू हुए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली के अबू धाबी कैंपस में सिंतबर से दो नए अंडरग्रेजुएट कोर्स (Undergraduate Courses) शुरू हो रहे हैं। संस्थान कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग और एनर्जी इंजीनियरिंग के अंडरग्रेजुएट कोर्स शुरू कर रहा है। यह जानकारी इसके निदेशक रंजन बनर्जी ने दी है।
बताया गया है कि इन दोनों कोर्सेस में कुल 60 छात्रों को दाखिला दिया जाएगा। इनमें से 20 छात्र जेईई (एडवांस) 2024 पास करने वाले होंगे और बाकी 40 छात्रों का चयन एक नए एंट्रेंस टेस्ट, जिसे कॉम्बाइंड एडमिशन एंट्रेंस टेस्ट (CAET) कहा जाता है, के जरिए होगा। CAET के जरिए भरी जाने वाली 40 सीटों में से 20 यूएई के नागरिकों के लिए और 20 यूएई में रहने वाले भारतीयों और दूसरे देशों के छात्रों के लिए आरक्षित हैं।
गौरतलब है कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली के अबू धाबी कैंपस में केवल पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स की पढ़ाई करवाई जाती थी, लेकिन अब यहां दो नए अंडरग्रेजुएट कोर्स (Undergraduate Courses) शुरू हो रहे हैं। संस्थान के निदेशक रंजन बनर्जी ने बताया कि अबू धाबी कैंपस यूएई और गल्फ रीजन की कंपनियों और भागीदारों के साथ मिलकर काम कर रहा है। जल्द ही यहां रिसर्च, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप की एक्टिविटीज भी शुरू होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि IIT दिल्ली-अबू धाबी का एक स्थायी कैंपस बनाने की योजना है। अभी दिल्ली कैंपस के प्रोफेसरों को अबू धाबी कैंपस में भेजा जा रहा है, लेकिन जल्द ही अबू धाबी कैंपस के लिए भी प्रोफेसरों की भर्ती की जाएगी।
IIT दिल्ली अबू धाबी कैंपस में नए अंडरग्रेजुएट कोर्सेस की शुरुआत के साथ, भारतीय शिक्षा प्रणाली का वैश्विक स्तर पर विस्तार हो रहा है। यह पहल उन छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो वैश्विक स्तर पर अपनी शिक्षा और करियर को ऊंचाइयों तक पहुंचाना चाहते हैं। बिना JEE Advanced के प्रवेश की सुविधा छात्रों के लिए एक बड़ा बदलाव लाएगी और उन्हें शिक्षा के नए आयामों में जाने का मौका देगी।




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