
कोलकाता के लालबाजार स्थित आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ हुए जघन्य अपराध और अस्पताल में तोड़फोड़ के विरोध में आज शनिवार सुबह 6 बजे से कल रविवार सुबह 6 बजे तक 24 घंटे के लिए देशभर में डॉक्टर हड़ताल पर हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर बुलाई गई हड़ताल से देशभर के सरकारी और निजी अस्पतालों में गैर आपातकालीन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। अस्पताल के कामकाज पर इसका ख़ासा असर देखा जा रहा है। इस दौरान ओपीडी बंद हैं व मरीजों के ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। हालांकि आपातकालीन सेवाएं जारी हैं।
आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आरवी अशोकन ने कहा कि कोलकाता की घटना के विरोध में देशभर में डॉक्टर हड़ताल पर हैं। जगह-जगह मृत महिला डॉक्टर के लिए न्याय और डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय कानून जैसी मांगों को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं। डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है। IMA के अनुसार, जरूरी सेवाएं समेत आपातकालीन वार्ड में कामकाज जारी है जबकि ओपीडी में सेवाएं बंद हैं और चुनिंदा सर्जरी नहीं की जा रही हैं। आईएमए के देशभर में 3.30 लाख से ज्यादा डॉक्टर सदस्य हैं।
IMA ने कहा है कि देशभर के सभी अस्पतालों को हवाई अड्डों की तरह सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाना चाहिए ताकि डॉक्टर बिना किसी डर के काम कर सकें। आईएमए की पांच मांगें हैं जिनमें अस्पतालों को सेफ जोन घोषित करना, स्वास्थ्यकर्मियों पर हिंसा को रोकने के लिए केंद्रीय कानून, कोलकाता की घटना के पीड़ित परिवार को उचित और सम्मानजनक मुआवजा, दोषियों के लिए सजा की मांग और रेजिडेंट डॉक्टरों के काम के घंटों और कामकाजी परिस्थितियों के संबंध में है।
उधर, फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) द्वारा भी फिर से राष्ट्रव्यापी हड़ताल शुरू करने की घोषणा के चलते देश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
बता दें कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ 8-9 अगस्त की दरमियानी रात दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई थी। मृतका मेडिकल कॉलेज में चेस्ट मेडिसिन विभाग की स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की छात्रा और प्रशिक्षु डॉक्टर थीं।




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