
हापुड़ स्थित पिलखुवा के रामा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर स्थित अपने रिश्तेदार चिकित्सक के आवास पर एक महिला चिकित्सक ने पंखे पर दुपट्टा से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह NEET PG रिजल्ट में कम अंक आने से परेशान थी।
जानकारी के मुताबिक मुरादाबाद के छजलेट निवासी प्रिंसी ने दिल्ली स्थित एक सरकारी अस्पताल से करीब तीन साल पहले एमबीबीएस की परीक्षा पास की थी। वह रामा अस्पताल में रिश्तेदार चिकित्सक दीपांकर के परिसर स्थित आवास पर रहकर पीजी गायनी की तैयारी कर रही थी। तीन दिन पहले आए नीट के परीणाम में अंक कम होने के कारण उसका पीजी में दाखिला नहीं हो पाया, जिसके कारण वह डिप्रेशन में थी। इसी के चलते उसने रविवार की देर रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिसर स्थित अन्य चिकित्सकों ने मामले की सूचना पुलिस और मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्रबंधन को दी।
एसएचओ प्रभाकर कैन्तुरा ने बताया कि अभी तक की जांच से पता चला है कि मृतका चिकित्सक ने दो दिन पहले भी आत्महत्या करने का प्रयास किया था। रविवार की रात फांसी लगाने से पहले मृतक ने फोन पर अपनी माता और रिश्तेदार चिकित्सक से बात की थी।
रामा अस्पताल के महाप्रबंधक विक्रात सिंह तोमर ने बताया कि मृतका चिकित्सक का वर्तमान में अस्पताल से कोई लेना-देना नहीं था। वह रिश्तेदार चिकित्सक के परिसर स्थित आवास पर रहकर पीजी की तैयारी कर रही थी। मृतका ने एमबीबीएस करने के उपरांत करीब दो साल पहले कुछ दिन उसने अस्पताल में नौकरी की थी।
मृतका के रिश्तेदार चिकित्सक दीपांकर चौधरी मेरठ के रहने वाले हैं। उन्हें रामा अस्पताल में चिकित्सक होने के चलते परिसर में आवास मिला है। चिकित्सक दीपांकर का मुरादनगर में निजी क्लीनिक भी है। घटना के समय वह निजी क्लीनिक पर थे।




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