
छत्तीसगढ़ के पूर्व वन मंत्री और कांग्रेस नेता मोहम्मद अकबर सहित 3 अन्य लोगों के खिलाफ एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। बालोद जिले के डौंडी थाने में बीएनएस की धारा 108 के तहत केस दर्ज किया गया है। वहीं 3 लोगों के खिलाफ नौकरी दिलवाने के नाम पर धारा 420 के तहत ठगी का केस दर्ज किया गया है। हालांकि पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने आरोपों का खंडन करते हुए मामले को झूठा और मनगढ़ंत करार दिया है।
दरअसल, कुछ दिनों पहले शिक्षक देवेंद्र कुमार ठाकुर ने आत्महत्या कर ली थी। सुसाइड नोट में उसने मोहम्मद अकबर सहित कई लोगों के नाम का जिक्र किया है। जिसमें लिखा गया गया है कि वन विभाग में विभिन्न पदों पर नौकरी लगवाने के नाम पर उन्होंने पैसों की ठगी की है। यह भी लिखा है कि उन्होंने और उनके सहयोगियों ने 40 से अधिक लोगों से 3 करोड़ 70 लाख से ज्यादा की ठगी की है। जिसकी शिकायत डौंडी थाने में की गई है।
इस पूरे मामले में बीजेपी ने कांग्रेस को घेरते हुए आरोप लगाया है कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी विरोधी है। शिक्षक देवेंद्र ठाकुर के कथित सुसाइड नोट के आधार पर रविवार को अकबर, मदार खान उर्फ सलीम खान, हरेंद्र नेताम और प्रदीप ठाकुर के खिलाफ डौंडी पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) एवं 3(5) (सामान्य इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया है। ठाकुर क्षेत्र के ओडगांव गांव स्थित सरकारी प्राथमिक स्कूल में पदस्थ था। उन्होंने तीन सितंबर को घोटिया गांव में अपने घर पर फांसी लगाकर जान दे दी थी।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने जब शव की तलाशी ली तब ठाकुर की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया, जिसमें उसने पूर्व मंत्री अकबर खान, मदार खान, हरेंद्र नेताम एवं प्रदीप ठाकुर को आत्महत्या के लिए उकसाने का जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि सुसाइड नोट में कहा गया है कि चारों ने कथित तौर पर नौकरी दिलाने के लिए पैसे लिए, लेकिन उन्होंने न तो नौकरी दी और न ही पैसे लौटाए।




Add comment