
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सरकार भारत में बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने के लिए अगले पांच साल में 5,000 साइबर कमांडो तैयार करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए साइबर सुरक्षा अहम है। साइबर सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा है। साइबर अपराध की कोई सीमा नहीं होती, इसलिए सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म यूजर्स को एक साथ आकर इस चुनौती से निपटना होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आई4सी इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर के पहले स्थापना दिवस के मौके पर बोल रहे थे।
गृह मंत्री ने कहा कि बिना साइबर सिक्योरिटी के देश की प्रगति संभव नहीं है। सरकार अगले पांच साल में 5,000 साइबर कमांडो तैयार करने की योजना बना रही है। इन कमांडो को भारत में बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने के लिए पूरी तरह से ट्रेंड किया जाएगा। अमित शाह ने कहा कि डिजिटल सेक्टर में सिक्योरिटी बेहद जरूरी है। आज भारत में 46 प्रतिशत डिजिटल लेन-देन हो रहे हैं। ऐसे में साइबर सिक्योरिटी का मुद्दा देश के लिए बेहद अहम है। अगर देश को तेजी से प्रगति करनी है तो साइबर सुरक्षा की अनदेखी नहीं की जा सकती।
इस अवसर पर अमित शाह ने आई4सी के तहत चार नए प्लेटफार्मों का उद्घाटन किया। इन प्लेटफार्मों का उद्देश्य देश में साइबर अपराधों से निपटना है। साइबर क्रिमिनलों से निपटने के लिए राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और CBI जैसे केंद्रीय पुलिस संगठनों में से कुछ खास अफसरों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उनकी ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्हें एक स्पेशल ब्रांच में डाला जाएगा। जहां से वो साइबर क्राइम को रोकने का काम करेंगे। इन सभी कर्मियों की ही साइबर कंमाडो कहा जाएगा। इन साइबर कमांडो के आने से बाद से देशभर में डिजिटल तौर पर हो रहे साइबर हमलों को रोकने में काफी मदद मिलेगी।




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