
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जीएमसीएच) में एमबीबीएस की सीटों को बढ़ाकर 200 करने को मंजूरी दे दी है। यह जानकारी राज्य के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने दी है। तटीय राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल जीएमसीएच को पहले एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए 150 सीटों की मंजूरी मिली थी।
मीडिया को दिए गए एक बयान में राणे ने कहा कि जीएमसीएच में एमबीबीएस सीटों की संख्या 150 से बढ़ाकर 200 करना गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की इसकी यात्रा में एक प्रमुख मील का पत्थर है।
उन्होंने कहा, “शैक्षणिक वर्ष 2024-2025 के लिए, हमें राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग से अनुमति पत्र मिला है, जिसमें हमारी एमबीबीएस सीटों को बढ़ाकर 200 करने की मंजूरी दी गई है।”
मंत्री ने कहा कि यह विस्तार राज्य द्वारा संचालित संस्थान की क्षमता बढ़ाने और अधिक छात्रों को कुशल चिकित्सा पेशेवर बनने की अपनी आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राणे ने बताया कि कई स्नातकोत्तर एमडी/एमएस पाठ्यक्रमों में सीटें बढ़ाने की भी मंजूरी दी गई है।
उन्होंने कहा कि एमडी (रेडियोडायग्नोसिस) के लिए सीटें छह से बढ़ाकर सात, एमएस (सामान्य सर्जरी) के लिए छह से बढ़ाकर 15, एमएस (प्रसूति एवं स्त्री रोग) के लिए छह से बढ़ाकर आठ, एमडी (फार्माकोलॉजी) के लिए चार से बढ़ाकर छह और एमडी (पीडियाट्रिक्स) के लिए सात से बढ़ाकर दस सीटें की गई हैं।
राणे ने जोर देकर कहा कि सीट क्षमता में वृद्धि चिकित्सा उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और क्षेत्र और उससे आगे की बढ़ती स्वास्थ्य देखभाल जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा, “गोवा मेडिकल कॉलेज अत्याधुनिक चिकित्सा शिक्षा प्रदान करते हुए अगली पीढ़ी के चिकित्सा पेशेवरों को पोषित करने के लिए समर्पित है।”




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