
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना के बाद चिकित्सकों की हड़ताल बीते एक माह से जारी है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ बैठक के बाद भी चिकित्सकों का धरना-प्रदर्शन जारी है। अब, तृणमूल कांग्रेस के सांसद और महासचिव अभिषेक बनर्जी ने धरना दे रहे चिकित्सकों से हड़ताल वापस लेने की अपील की है।
उन्होंने पोस्ट कर चिकित्सकों से खास अपील की। उन्होंने कहा कि ममता सरकार ने हड़ताली चिकित्सकों की मांगें मान ली है, इस कारण अब उन्हें हड़ताल वापस लेने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने लिखा, मैंने पहले दिन से ही चिकित्सकों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का समर्थन किया है। मैंने हमेशा यह माना है कि प्रदर्शनकारियों की कुछ मांगों को छोड़कर उनकी अधिकांश चिंता सही और न्यायोचित हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद ममता सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए कागजातों के अनुसार, चिकित्सकों की सुरक्षा में सुधार के लिए अधिकांश उपाय प्रगति पर हैं। इन उपायों में पूरे पश्चिम बंगाल के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाना और बुनियादी ढांचागत विकास शामिल हैं। यह कार्य 14 दिनों के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।
उन्होंने चिकित्सकों से हड़ताल वापस लेने की अपील करते हुए कहा, चिकित्सकों को अब सद्भावना के तहत हड़ताल वापस लेकर लोगों की सेवा करने के लिए जुट जाना चाहिए। अंत में इतना ही कहूंगा कि सीबीआई को जवाबदेह ठहराना और यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि कोई भी अपराधी बच नहीं सके। उन्हें जल्दी से जल्दी सजा दी जाए। सीबीआई का रिकॉर्ड खुद ही सब कुछ बताता है। पिछले 10 सालों में, उन्होंने अपनी एक भी जांच पूरी नहीं की है। न्याय में देरी न्याय नहीं मिलने के बराबर है।
इस बीच कोलकाता के जूनियर डॉक्टर्स ने हड़ताल को खत्म करने से मना कर दिया है। जूनियर डॉक्टर्स ने सीएम ममता से एक और मीटिंग की मांग करते हुए चीफ सेक्रेटरी मनोज पंत को ईमेल भेजा है, इसमें कहा गया है कि अभी तक सभी मांगें नहीं मानी गई है।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज में 9 अगस्त को ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर केस को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने ममता सरकार से पुलिस कमिश्नर और हेल्थ सचिव को हटाने सहित 5 मांगें की थी। इसके लिए वे 40 दिन से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। 16 सितंबर को जूनियर डॉक्टर और ममता के बीच मीटिंग हुई थी। इसमें ममता ने डॉक्टरों की 5 में से 3 मांगें मान ली थीं। उन्होंने पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल को पद से हटाया था। उनकी जगह मनोज वर्मा को कमिश्नर बनाया गया। इसके बाद मंगलवार देर रात डॉक्टरों ने कहा कि प्रदर्शन जारी रहेगा। इसके बाद बुधवार को डॉक्टरों ने बताया अभी आधी जीत हुई। जूनियर डॉक्टर्स ने मांग की कि हेल्थ सेक्रेटरी एनएस निगम का इस्तीफा जरूरी है। अस्पतालों में थ्रेट कल्चर खत्म करने की मांग भी अभी नहीं मानी गई है, इसलिए सीएम ममता से एक और मीटिंग की मांग की है।




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