
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे में अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनियों के सीईओ के साथ एक राउंडटेबल मीटिंग में हिस्सा लिया। मीटिंग में पीएम मोदी ने भारत की विकास संभावनाओं पर जोर दिया और विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने की बात कही।
राउंड टेबल बैठक में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी प्रौद्योगिकी संचालित है। जीवन का शायद ही कोई क्षेत्र ऐसा है, जिसे प्रौद्योगिकी संचालित न करती हो। लेकिन ऐसे समय में सिर्फ प्रौद्योगिकी या प्रौद्योगिकी और लोकतंत्र का एक संतुलन बहुत जरूरी है। कारण, लोकतांत्रिक मूल्य और तकनीकी का मिलना मानव कल्याण की गारंटी देता है।
उन्होंने कहा कि जब दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र तेजी से आगे बढ़ेगा, तो वैश्विक शांति और समृद्धि का भी एक आश्वासन उससे प्राप्त होता है। प्रौद्योगिकी विकसित भारत की यात्रा का एक अहम स्तंभ है। इसलिए आज हमने भारत में तकनीकी सहयोग और निवेश के लिए अभूतपूर्व संभावनाएं खड़ी की हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत तेजी से ग्लोबल बायो-टेक पॉवर हाउस के रूप में उभर रहा है। भारत में बायो-फार्मा रिसर्च को प्रमोट करने के लिए एक उपजाऊ पारिस्थितिकी तंत्र भी है। मुझे विश्वास है कि भारत और अमेरिका की टेक कंपनियां मिलकर वैश्विक चुनौतियां के समाधान में अहम रोल निभाएगी।
उन्होंने कहा कि भारत उन पहले देशों में से एक है जिसने AI रणनीतियों पर काम किया है। मेरे लिए, AI का मतलब है ‘अमेरिका-भारत’। यही वह शक्ति है जिसे हम मजबूत करना चाहते हैं। भारत ने प्रौद्योगिकी के उपयोग को लोकतांत्रिक बनाया है, जिससे विभाजन कम हुआ है। भारत AI के नैतिक उपयोग पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।




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