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पश्चिम बंगाल में भूख हड़ताल पर बैठे डॉक्टरों ने कहा- ‘अनिश्चित काल’ तक जारी रहेगा विरोध

आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना के विरोध में और अपनी मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टर्स का विरोध-प्रदर्शन अब अनिश्चितकालीन धरने में बदल गया है। इससे पहले डॉक्टर्स ने राज्य सरकार को उनकी मांगों पर अमल करने के लिए 24 घंटे का वक्त दिया था, लेकिन जब सरकार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो डॉक्टर्स ने शनिवार रात साढ़े आठ बजे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। भूख हड़ताल पर बैठे जूनियर डॉक्टरों ने कहा है कि उनका विरोध “अनिश्चित काल” तक जारी रहेगा और कोई भी यह साबित नहीं कर सकता कि उनकी मांगें किसी भी तरह से गलत हैं। 

प्रदर्शन में शामिल जूनियर डॉक्टर अनिकेत महतो ने कहा, “हम कल 10 मांगों को लेकर धर्मतला आए थे… हमें आश्वासन दिया गया था जिसके बाद हम अपनी नौकरी पर लौट आए, लेकिन अब हम अपनी मांगें पूरी होने तक भूख हड़ताल पर बैठेंगे… 9 अगस्त को आरजी कर की घटना के बाद से हमने पुलिस की बड़ी लापरवाही देखी है… 6 डॉक्टर भूख हड़ताल पर बैठे हैं… यह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल है… हमें पुलिस और राज्य प्रशासन से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है लेकिन हमें कोई सहयोग नहीं चाहिए, हम सिर्फ अपनी मांगें पूरी करना चाहते हैं।

धर्मतला में धरने पर बैठी एक जूनियर डॉक्टर ने कहा कि ‘जब तक हमारी न्याय की मांग नहीं मानी जाती तब तक हमारा धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। अभया के साथ जब दुष्कर्म हुआ और उसकी हत्या हुई, उससे पहले उसे कई बार धमकियां मिलीं। कोई भी अभया हो सकता है। ऐसे में ये हमारी जिम्मेदारी है कि अब कोई और अभया न हो। एक तरह हम भूख हड़ताल कर रहे हैं और दूसरी तरफ हम देख रहे हैं कि एक और नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना हो गई है। आरजी कर की घटना के बाद कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। हम सभी डॉक्टर्स धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और सिर्फ छह ड्यूटी कर रहे हैं ताकि नवरात्रि के दौरान किसी मरीज को परेशानी न हो।’

रिले भूख हड़ताल पर बैठे छह डॉक्टर कोलकाता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की स्निग्धा हाजरा, तनया पांजा और अनुस्तूप मुखोपाध्याय, एसएसकेएम अस्पताल के अर्नब मुखोपाध्याय, एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के पुलस्थ आचार्य और केपीसी मेडिकल कॉलेज की सायंतनी घोष हाजरा हैं। डॉक्टर 9 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉक्टरों की मांगों में स्वास्थ्य सचिव को हटाना और अस्पतालों में पुलिस सुरक्षा बढ़ाना शामिल है।

Asmita Sarkar

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