
पंजाब के पटियाला में राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ (RGNUL) में कुलपति के इस्तीफे की मांग को लेकर 22 सितंबर से शुरू हुआ छात्रों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। इस बीच अब छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। शनिवार को प्रदर्शन के 14 दिन पूरे होने के बाद शाम 6 बजे से वे भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती, वे भोजन नहीं खाएंगे।
गौरतलब है कि गौरतलब है कि कुछ दिन पहले यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में वाइस चांसलर के अचानक घुस आने से विवाद शुरू हुआ था। आरोप लगाए गए थे कि वीसी छात्राओं के कमरे में गए और उनके कपडों को लेकर आपत्तिजनक सवाल पूछे। इस घटना के बाद छात्राओं ने वीसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए इस्तीफे और माफी जारी करने की मांग की थी। 22 सितंबर से अपनी मांग को लेकर छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन 15 दिन पूरे होने के बाद भी उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। कार्रवाई न होने से व्यथित होकर ही छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
छात्र कुलपति के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और 22 सितंबर से इसी मुद्दे पर धरना दे रहे हैं। वहीं, छात्रों द्वारा कुलपति पर लगाए गए आरोपों की जांच के लिए छात्रों द्वारा सुझाए गए नामों वाली एक बाहरी समिति का गठन किया गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी छात्रों को फोन करके न्याय का आश्वासन दिया है। छात्रों और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत कराने के कई प्रयास किए गए, लेकिन वे विफल रहे हैं। छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया और विरोध प्रदर्शन भी जोर पकड़ता रहा।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में वाइस चांसलर के अचानक पहुंचने से विवाद शुरू हुआ था। आरोप लगाए गए थे कि वीसी छात्राओं के कमरे में गए और उनके कपडों को लेकर आपत्तिजनक सवाल पूछे। हालांकि वीसी का कहना है कि उन्हें जानकारी मिली थी की गर्ल्स हॉस्टल में मेस और अपर्याप्त व्यवस्था है, जिसका निरीक्षण करने गए थे।
इस घटना के बाद छात्राओं ने वीसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए इस्तीफे और माफी जारी करने की मांग की थी। छात्राओं को कहना था कि वीसी के आने की कोई जानकारी नहीं थी, बल्कि यूनिवर्सिटी के निर्देशों के अनुसार गर्ल्स हॉस्टल कैंपस में RGNUL से जुड़ी सिर्फ महिला सदस्य ही एंट्री कर सकती हैं। यहां तक कि पेरेंट्स को भी एंट्री करने की परमिशन नहीं है। छात्राओं ने आरोप लगाया था कि वीसी ने ऐसे निरीक्षण को लेकर कोई भी पूर्व सूचना छात्रों या हॉस्टल के वार्डन को नहीं दी थी। साथ उन्हें इसकी सूचना भी नहीं दी गई थी। उनके साथ कोई महिला फैकल्टी या गार्ड भी नहीं थीं।




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