
‘कोचिंग फैक्ट्री’ के नाम से पहचाने जानेवाले राजस्थान के कोटा शहर में छात्रों की आत्महत्या के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे। यहां फिर से एक छात्र की आत्महत्या का मामला सामने आया है। बताया गया है कि नीट यूजी की तैयारी कर रहे एक छात्र ने यहां कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। छात्र की पहचान उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर निवासी आशुतोष चोरसिया के रूप में हुई है। इस साल कोटा में कोचिंग छात्रों द्वारा आत्महत्या का यह 15वां मामला है।
जानकारी के अनुसार नीट यूजी की तैयारी कर रहे 20 वर्षीय छात्र आशुतोष चोरसिया ने रात अपने पीजी रूम में सीलिंग फैन से लटककर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि उसके कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है और इस कदम के पीछे की वजह का अभी पता नहीं चल पाया है।
दादाबाड़ी थाने के सर्किल इंस्पेक्टर नरेश मीना ने बताया कि बुधवार रात जब युवक ने दरवाजा खटखटाने और परिवार के सदस्यों के बुलाने पर भी कोई जवाब नहीं दिया तो केयरटेकर ने पुलिस को फोन किया और युवक को छत के पंखे से लटका हुआ पाया गया। आशुतोष पिछले छह महीने से अपने चचेरे भाई के साथ यहां नीट-यूजी की तैयारी कर रहा था।
मीना ने बताया कि पता चला है कि युवक मानसिक बीमारी से पीड़ित था और उसका इलाज चल रहा था। इस साल कोटा में कोचिंग छात्रों द्वारा आत्महत्या का यह 15वां मामला है, जबकि पिछले साल ऐसे 26 मामले सामने आए थे।
कोटा में सुसाइड के बढ़ते मामलों के कारण सभी पीजी और हॉस्टल के कमरों में एंटी हैंगिंग डिवाइस लगाना अनिवार्य है, लेकिन आशुतोष के कमरे में ये डिवाइस नहीं था।प्रशासन की सख्ती के बाद भी पीजी संचालक एंटी हैंगिंग डिवाइस नहीं लगा रहे हैं। जबकि पहले भी प्रशासन कई बार ऐसे हॉस्टल और मकान के कमरों को सीज कर चुका है।




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