
हरियाणा के गुरुग्राम जिला स्थित एसजीटी यूनिवर्सिटी (SGT University) में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक महोत्सव सिनर्जी 2024 के दौरान छात्रों द्वारा निर्मित नवाचार आधारित मॉडलों में डिजिटल अरेस्ट और साइबर बुलिंग लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा। इसके ज़रिये छात्रों ने लोगों को साइबर फ्रॉड के बारे में जागरूक किया। साथ ही छात्रों ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसे लोगों ने काफी सराहा। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवा, प्राकृतिक संसाधन और स्थिरता, भविष्य की तकनीक व नवाचार और सामाजिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लोगों का ध्यान केंद्रित किया गया।
कार्यक्रम में लॉ फैकल्टी की स्नेहा ने मॉडल के जरिए लोगों को साइबर फ्राॅड से बचने के लिए जागरूक किया। लोगों को साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं को विस्तार से समझने का प्रयास किया। बताया गया कि कैसे साइबर ठग लोगों को फर्जी पुलिसकर्मी बनकर डरा-धमका कर ठगी की वारदातों को अंजाम देते हैं। ऐसे में लोगों को अब सोशल मीडिया और मोबाइल कॉल को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।
वहीं, साइबर बुलिंग मॉडल के जरिए छात्रों ने साइबर बुलिंग और शिकायत करने संबंधी जानकारी रखी। इसमें एक क्यूआर कोड़ के जरिए साइबर बुलिंग होने का पता लगाने और इससे संबंधित शिकायत के बारे में जानकारी दी गई। छात्र विशाल, नेहा, प्रशांत की टीम ने मिलकर यह मॉडल बनाया।
इसके अलावा छात्र वजीर मोहन और वीनिता ने कार्बन कैप्चरिंग डिवाइस का मॉडल प्रदर्शित किया। इसके जरिए इंडस्ट्री से होने वाले प्रदूषण को कम करने और कार्बन को दोबारा प्रयोग में लाने के बारे में जानकारी दी गई है। डॉ. दीक्षा और डॉ. सोनम यादव ने महिला स्वच्छता पर अपना मॉडल प्रदर्शित किया। दोनों ने बताया कि आज भी महिलाएं मासिक धर्म के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर गलती कर देती हैं। मॉडल के जरिए महिलाओं की स्वच्छता संबंधी कई जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों की रचनात्मकता और तकनीकी कौशल को बढ़ावा देना था।




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