
कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में नाबालिग छात्रा का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में एक स्कूल शिक्षक को पांच साल कैद की सजा सुनाई गई है। अदालत ने दोषी ठहराए गए बेलथांगडी निवासी गुरुवा मोगेरा पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सरकारी वकील के अनुसार, मूडबिद्री के 49 वर्षीय हाई स्कूल शिक्षक गुरुवा मोगेरा ने कथित तौर पर छात्रों को कहा था कि अगर उन्हें छुट्टी की जरूरत है या पाठ्यक्रम से संबंधित कोई संदेह है, तो वे स्कूल के एक अलग कमरे में उनसे मिलें। कभी-कभी वह अलग-अलग छात्राओं को कमरे में बुलाता और उनका यौन उत्पीड़न करता।
यौन उत्पीड़न की यह घटना इस साल फरवरी में हुई थी, जब दसवीं कक्षा की एक छात्रा ने स्कूल के प्रधानाध्यापक से शिकायत की थी कि शिक्षक उन्हें अनुचित तरीके से छूता है। कथित तौर पर 22 फरवरी को उक्त शिक्षक ने पीड़िता को स्कूल में अपने कमरे में बुलाया और उसका यौन उत्पीड़न किया।
स्कूल के प्रधानाध्यापक की शिकायत के आधार पर इस साल 12 मार्च को एक प्राथमिकी दर्ज की गई और आरोपी पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 354 और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO) की धारा 10, 12 के तहत मामला दर्ज किया गया। इसी तरह चार अन्य छात्राओं ने भी शिकायत दर्ज कराई। पांडेश्वर के महिला थाने की निरीक्षक शिवरुद्रम्मा एस ने आरोप पत्र दाखिल किया।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र और फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (FTSC)-1 न्यायालय के न्यायाधीश डी विनय ने व्यक्ति को दोषी पाया और उसे पांच साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई और 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया। न्यायालय ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़िता को एक लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है। विशेष लोक अभियोजक सहानादेवी बोलूर ने मामले की पैरवी की और कहा कि देश भर में पोक्सो मामलों में तेजी लाने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुरूप सात महीने के भीतर फैसला सुनाया गया।




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