
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी एनएसए अजीत डोभाल ने एक पुस्तक लॉन्च कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया की खामियां बताईं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की विश्वसनीयता धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है। सोशल मीडिया के उपयोग के साथ इसकी चुनौतियों का डटकर मुकाबला करने की जरूरत है। सोशल मीडिया के प्रभाव पर इंडियन स्ट्रैटजिक कल्चर बुक के लॉन्च पर बोलते हुए एनएसए डोभाल ने कहा कि सोशल मीडिया का मुकाबला सोशल मीडिया के इस्तेमाल से करने की जरूरत है।
एनएसए ने इस बात पर जोर दिया कि सोशल मीडिया पर उन कहानियों को खोजने और उजागर करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो पूरी तरह निराधार और झूठी हैं। डोभाल ने कहा कि सोशल मीडिया पर पूरी तरह से झूठ फैलाने वाली कहानियों खोजकर उनका सच उजागर करने की जरूरत है। कुछ तस्वीरों को पेश करके यह किया जा सकता है। कुछ लोग सोशल मीडिया पर भारतीय सेना के बारे में कुछ भी पोस्ट करके रक्षा बलों का मनोबल कम करने की कोशिश करते हैं। कभी-कभी वे ऐसी बातें लिख देते हैं जिससे हमारे जवानों का अपने नेतृत्व पर से भरोसा उठ जाता है। इसका पुरजोर विरोध करने की जरूरत है। यदि रक्षा बलों के लोग ऐसा कर सकते हैं, तो यह अच्छा है।
उन्होंने कहा कि कोई भी घटना होने पर आपको सोशल मीडिया पर पहला उत्तरदाता बनना चाहिए। कई बार ऐसा देखा गया है कि जब कोई घटना घटती है तो उसके चार घंटे के भीतर जो कचरा शुरू होता है, वह असलियत पर हावी हो जाता है। कुछ घंटों के भीतर सोशल मीडिया पर सही नजरिया आ जाए तो काम आता है।




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