
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर का 15वां दीक्षांत समारोह मनाया गया। दीक्षांत समारोह का आयोजन एनआईटी के ऑडिटोरियम में किया गया। इस दौरान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप मेंं कैपजेमिनी इंडिया की उपाध्यक्ष और इंजीनियरिंग प्रमुख डॉ. सुदत्ता कार मौजूद थीं, जबकि एसजेवीएन के निदेशक कार्मिक अजय कुमार शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। एनआईटी निदेशक प्रो. एचएम सूर्यवंशी ने पिछले वर्ष संस्थान की उपलब्धियों को उजागर किया।
दीक्षांत समारोह में बीटेक, बीआर्च, एमटेक, एमआर्च, एमएससी, एमबीए और पीएचडी सहित कुल 1498 डिग्रियां प्रदान की गईं। इसमें बीटेक में 899, बीआर्क मेंं 54, एमटेक में 391, एमआर्क में 17, एमएससी में 61, एमबीए में 27 और पीएचडी में करीब 50 डिग्रियां बांटी गईं। संस्थान ने एक निदेशक पदक, 37 स्वर्ण पदक,12 रजत पदक, 12 कांस्य पदक विद्यार्थियों को प्रदान किए। वास्तुकला विभाग से विशालिनी वी को सर्वोत्तम सर्वांगीण प्रदर्शन के लिए निदेशक पदक प्राप्त हुआ। छात्रों ने सफेद रंग का कुर्ता पायजामा और छात्राओं ने सफेद सलवार कमीज ड्रेस कोड में डिग्रियां प्राप्त कीं। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों के अभिभावक, शिक्षक सदस्य और कर्मचारी शामिल हुए।
मुख्यातिथि डा. सुदत्ता कार ने पृथ्वी अधिशेष दिवस के दबाव वाले मुद्दे पर प्रकाश डाला, जो इस वर्ष पहली अगस्त को था। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और संसाधन क्षरण जैसी पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान करने के लिए स्थायी प्रथाओं और तकनीकी नवाचारों की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।
विशिष्ट अतिथि अजय कुमार शर्मा ने स्नातक के विद्यार्थियों को बधाई दी और एसजेवीएन में नवीनतम विकास के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने पेशेवर विकास के महत्व पर बल दिया और छात्रों को उन अवसरों को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित किया। डॉ. अश्विनी कुमार राणा और डॉ. विजय कुमार बंसल ने 1998 और 1999 बैच के पूर्व छात्रों का प्रतिनिधित्व किया।
दीक्षांत समारोह का समापन एनआईटी हमीरपुर के डीन (अकादमिक) डॉ. सिद्धार्थ शर्मा ने किया। एनआईटी हमीरपुर की रजिस्ट्रार डॉ. अर्चना संतोष नानोटी ने कहा कि 15वां दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला है। यह सभी विद्यार्थी संस्थान के लिए पूंजी साबित हुए हैं, जोकि हर क्षेत्र में देश की सेवा को अग्रसर होंगे।




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