
देश के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय न्यायिक संग्रहालय और अभिलेखागार यानी नेशनल ज्यूडिशियल म्यूजियम एंड आर्काइव(NJMA) का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न जज भी मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह के दौरान भारत के चीफ जस्टिस ने म्यूजियम में मौजूद एआई वकील से मृत्युदंड की संवैधानिक वैधता को लेकर कुछ सवाल भी किए। सीजेआई ने एआई से पूछा कि क्या भारत में मौत की सजा संवैधानिक है। इस पर एआई ने जब देश में मौत की सजा को संवैधानिक बताते हुए विस्तार से जवाब दिया तो सीजेआई भी एआई के जवाब से खुश नजर आए। उन्हें एआई से काफी संतोषजनक जवाब मिला।
संग्रहालय के उद्घाटन के अवसर पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि ‘इस संग्रहालय को बनाने की योजना में एक साल का समय लगा, जबकि सब कुछ तय हो जाने के बाद इसके निर्माण में छह महीने से कुछ ज्यादा का समय लगा। हम सिर्फ एक संग्रहालय ही नहीं बनाना चाहते थे, बल्कि हम ऐसा संग्रहालय बनाना चाहते थे, जो वैश्विक स्तर का हो। एक ऐसा संग्रहालय, जो हमारे संस्थानों की अहमियत दर्शाए। अपने सहकर्मियों की तरफ से मुझे इस संग्रहालय को देश को समर्पित करते हुए बेहद खुशी हो रही है और हमें उम्मीद है कि यह संग्रहालय युवा पीढ़ी को काफी कुछ सिखाएगा।’




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