
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के पीसीएस-2024 (प्रारंभिक) व आरओ-एआरओ-2023 (प्रारंभिक) परीक्षा दो दिवस में कराने के निर्णय पर विवाद गहराता जा रहा है। प्रतियोगी छात्रों ने सोमवार से दो दिवसीय परीक्षा और नॉर्मलाइजेशन के विरोध में महा आंदोलन शुरू कर दिया है। इसी के तहत आज सैकड़ों छात्र यूपी लोक सेवा आयोग के गेट पर धरना करने पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसपर छात्रों ने खूब बवाल काटा। हालांकि पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
छात्र दोनों परीक्षाओं को दो दिन कराए जाने को लेकर विरोध कर रहे हैं और साथ ही नो नॉर्मलाइजेशन लागू करने की भी मांग कर रहे हैं। आयोग के इस फैसले के खिलाफ ही छात्रों ने अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया है। छात्रों की मांग है कि एक दिन एक शिफ्ट और नो नॉर्मलाइजेशन के तहत दोनों परीक्षाएं ली जाएं। अपनी इस मांग के चलते सभी छात्र आयोग के पास चौराहे पर ही धरने पर बैठ गए। मौके पर पुलिस भी मौजूद रही। पुलिस को परिस्थिति पर काबू करने की कोशिश में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
दूसरी ओर, आयोग सात-आठ दिसंबर को प्रस्तावित पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा कराने पर अडिग है। आयोग ने पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा के लिए चयनित प्रदेश के 41 जिलों के जिलाधिकारियों को परीक्षा संबंधी दिशा निर्देश जारी कर दिया है। आयोग के सचिव अशोक कुमार द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि परीक्षा पूर्व निर्धारित तारीखों पर आयोजित होगी। परीक्षा प्रयागराज समेत राज्य के 41 जिलों में दो सत्रों (प्रातः 9:30-11:30 बजे और अपराह्न 2:30-4:30 बजे) में होगी। परीक्षाओं के आयोजन की तैयारियों को लेकर 21 नवंबर को आयोग में बैठक भी बुलाई गई है। इसमें आयोग ने जिलाधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों को उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।
वहीं, दो दिवसीय परीक्षा के विरोध में शुरू हुए आंदोलन को लेकर प्रतियोगी छात्र कोचिंग सेंटर और छात्रावासों में जाकर समर्थन मांग रहे हैं। कोचिंग सेंटर बंद करने का अनुरोध कर रहे हैं। इसको लेकर इंटरनेट मीडिया पर भी अभियान चलाया जा रहा है। दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन ने भी विरोध प्रदर्शन को देखते हुए आयोग के बाहर पर्याप्त सुरक्षा की तैनाती की है।




Add comment