
उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक स्कूल शिक्षिका द्वारा नर्सरी में पढ़ने वाले चार साल के मासूम बच्चे की क्रूरता के साथ पिटाई का मामला सामने आया है। टीचर ने बच्चे को बेरहमी से बाल नोच-नोचकर पीटा। मामले का पता तब चला जब सहमा हुआ बच्चा अपने घर पहुंचा और उसने खाना तक नहीं खाया। जब परिजनों ने उससे पूछताछ की, तब उन्हें इस पिटाई का पता चला।
मामला बिरहाना रोड स्थित लॉफ्टी वेल किड्स प्री स्कूल का है। फूलबाग स्थित खेरेपति मंदिर के पास रहने वाले दीपक तुलस्यानी सागर मार्केट में मोबाइल रिपेयरिंग का काम करते हैं। उनका चार साल का बेटा स्कूल में नर्सरी में पढ़ता है। सोमवार को बेटा स्कूल से घर लौटा तो वह काफी डरा हुआ था। वह खाना भी नहीं खा रहा था। काफी पूछने पर उसने मां शिखा को बताया कि शिक्षिका रितिका सक्सेना बच्चों को कॉपी पर एबीसीडी लिखा रही थी। एबीसीडी न लिख पाने की वजह से शिक्षिका ने उसे कई बार बाल पकड़कर पीट दिया।
बेटे की पिटाई की खबर पाकर परिजन स्कूल पहुंचे। वहां लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखे, तो बच्चे की बात सही निकली। क्लास में लगे सीसीटीवी कैमरे में 49 सेकंड के अंदर टीचर द्वारा बच्चे के दो बार बेरहमी से बाल नोच-नोचकर झंझोड़ने और एक के बाद एक पांच थप्पड़ जड़ते देखा। यह वीडियो देख परिजन आपा खो बैठे। भड़के परिजनों की स्कूल प्रबंधन से नोकझोंक भी हुई। उन्होंने फीलखाना पुलिस से शिकायत कर दी। पुलिस के पहुंचने पर भी परिजनों और स्कूल प्रबंधन के बीच नोकझोंक हुई। हालांकि स्कूल प्रबंधन के माफी मांगने व टीचर को नौकरी से हटाने के आश्वासन के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
दीपक के मुताबिक, उन्होंने शिक्षिका व स्कूल प्रबंधन के खिलाफ फीलखाना थाने में तहरीर दी। हालांकि स्कूल प्रबंधन के शिक्षिका को नौकरी से हटाने व घटना पर माफी मांग ली जिसके बाद उन्होंने तहरीर वापस ले ली। थाना प्रभारी फीलखाना ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया है।




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