
बिहार सरकार साक्षमता परीक्षा पास करने वाले 187000 से अधिक नियोजित शिक्षकों को जल्द नियुक्ति पत्र देने जा रही है। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि ”जिन्होंने साक्षमता परीक्षा पास कर लिया है और जिनकी काउंसलिंग हो गई है। उनके सारे डॉक्यूमेंट सही हैं तो जल्द ही उनको हम लोग नियुक्ति पत्र देंगे, जिससे वह सरकारी सेवक बन सकें।” शिक्षा मंत्री ने शिक्षा विभाग द्वारा ज्ञान भवन में आयोजित देश के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद के जयंती (शिक्षा दिवस) समारोह का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि मौलाना अबुल कलाम आजाद ने देश में शिक्षा की बेहतरी के लिए बहुत काम किया। आज राज्य सरकार इन्हीं के नीति पर शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही है। उन्होंने कुछ आकड़े पेश करते हुए कहा कि वर्ष 2005 में शिक्षा पर 25 हजार करोड़ रुपये खर्च हो रहा था। आज यह 60 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। स्कूलों में सभी तरह के संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, आज स्थिति यह है कि ड्रॉप आउट वाले बच्चों की संख्या एक प्रतिशत तक पहुंच गई है। हर पंचायत में प्लस टू स्कूल खोले गए हैं। ताकि बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने दूर नहीं जाना पड़े। महिलाओं का साक्षरता दर 74 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार अच्छा काम कर रही हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रत्येक निजी स्कूलों को ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर बच्चों का आधार अपलोड करना है। निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 25 प्रतिशत बच्चों का नामांकन कराना अनिवार्य है। जहां निजी स्कूलाें को बकाया राशि मामला है उनको भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पाठ्य पुस्तक को पहुंचा दिया गया है। अब शिक्षकों का दायित्व है कि वे बच्चों को शिक्षित करें और अच्छा समाज का निर्माण करें।
उन्होंने बच्चों को इंटरनेट मीडिया से दूर रहने की सलाह दी और कहा कि बच्चों को किताब पढ़ने पर अधिक ध्यान देना चाहिए। शिक्षा मंत्री आस्ट्रेलिया का जिक्र करते हुए कहा कि वहां पर बच्चों को इंटरनेट मीडिया से दूर रखने के लिए शोध किया जा रहा है। उन्होंने किलकारी के बच्चों को द्वारा किए जा रहे कार्य की सरहाना की।




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