
बिहार लोक सेवा आयोग यानी बीपीएससी (BPSC) ने त्तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। कक्षा 1 से 8 तक के लिए आयोजित हुई लिखित परीक्षा का ये रिजल्ट जारी किया गया है। फर्स्ट फेज में कुल 38900 अभ्यर्थी सफल हुए हैं।
फर्स्ट फेज में वर्ग छह से आठ कक्षा के कुल छह विषयों के शिक्षकों के 16989 पदों पर रिजल्ट दिया गया है। कक्षा 6 से 8 में कुल 6 विषयों के लिए 19 जुलाई को परीक्षा आयोजित हुई थी जिसमें गणित और विज्ञान में 5560, सामाजिक विज्ञान में 3789 हिन्दी में 2799, अंग्रेजी में 2873, संस्कृत में 941 और उर्दू में 1027 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। वहीं वर्ग एक से पांच में तीन विषयों का रिजल्ट जारी किया गया है। इसमें कुल 21,911 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। इनमें सामान्य (शिक्षा विभाग) में 18,641, सामान्य (अनु. जाति-जनजाति कल्याण विभाग) 172, उर्दू 3, 054 और बांग्ला में 44 अभ्यर्थी पास हुए। ऐसे में 44478 पदों की वैकेंसी में 38900 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। 5578 सीटें खाली रह गई हैं।
आयोग का दावा है कि रिजल्ट बेहतर ढंग से तैयार किए गए हैं। प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों का शिक्षा विभाग से रोस्टर मिलते ही रिजल्ट तैयारी करने की तैयारी शुरू कर दी गई थी। शुक्रवार को कक्षा 6-8 और अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, बिहार के अधीन प्राथमिक विद्यालयों में वर्ग 1 से 5 के रिजल्ट जारी किये गये हैं। शेष कक्षाओं के रिजल्ट भी जल्द जारी कर दिए जाएंगे। कक्षा 9 से 12 तक के लिए रिजल्ट नवंबर के आखिरी सप्ताह में आने का अनुमान है।
टीआरई 3 के लिए वर्ग एक से पांच और वर्ग छह से आठ के नई वैकेंसी चार्ट जारी की गई थी। इसमें अनारक्षित श्रेणी की सीटों में इजाफा किया है। वैकेंसी संशोधित रोस्टर के अनुसार, अब 84 हजार 581 पदों पर भर्ती होगी। पहले 87774 पदों पर वैकेंसी निकली थी।
TRE-3 का विज्ञापन 65 फीसदी आरक्षण के आधार पर जारी हुआ था। लेकिन हाइकोर्ट ने 65 फीसदी आरक्षण को रद्द कर दिया जिसके बाद मामल सुप्रीम कोर्ट गया। इसके बाद 50 फ़ीसदी आरक्षण के अनुसार से वैकेंसी का नया रोस्टर जारी हुआ। पूर्व में जहां विज्ञापन के समय कक्षा 6 से 8 के लिए वैकेंसी की संख्या 19645 थी, वह घटकर 18973 हो गई। कक्षा 1 से 5 के लिए जहां 28026 वैकेंसी थी, यह घटकर 25505 हो गई।
बीपीएससी ने टीआरई पुनर्परीक्षा 19 से 22 जुलाई 2024 तक आयोजित की थी। मूलतः यह परीक्षा मार्च में होने वाली थी, लेकिन पेपर लीक होने के कारण आयोग को परीक्षा रद्द करनी पड़ी तथा पुनः परीक्षा कराने का आदेश देना पड़ा। आयोग ने कहा कि पुनर्परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से और बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न हुई।




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