
इस साल उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं फरवरी के बजाय मार्च 2025 के पहले सप्ताह से शुरू होने जा रही हैं। महाकुंभ में करोड़ों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ और यातायात प्रभावित होने के कारण परीक्षा फरवरी में नहीं कराई जाएगी। महाकुंभ की वजह से महाशिवरात्रि के आखिरी स्नान पर्व के बाद परीक्षा कराने का प्रस्ताव बोर्ड ने शासन को भेजा है। पिछले पांच वर्षों में यह परीक्षा ज्यादातर फरवरी में होती थी लेकिन महाकुंभ की वजह से इस बार बोर्ड परीक्षा देर से करवाने का फैसला लिया गया है।
बोर्ड का मानना है कि विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम के रूप में होने वाले महाकुंभ में इस बार देश ही नहीं, दुनिया के कोने-कोने से श्रद्धालुओं की भीड़ संगम नगरी में उमड़ेगी। ऐसे में बोर्ड की परीक्षाएं आखिरी स्नान पर्व के बाद ही कराना उचित होगा। 2024 में परीक्षाएं 22 फरवरी से शुरू हो गई थीं। पिछले पांच साल के दौरान सिर्फ 2022 में ही बोर्ड परीक्षा मार्च में कराई गई थी।
इस बार महाकुंभ 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा स्नान पर्व से आरंभ होगा। 14 जनवरी को प्रथम शाही स्नान है। संगम तट पर 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा से शुरू होकर 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के आखिरी स्नान पर्व पर महाकुंभ का रेला थमने लगेगा। ऐसे में बोर्ड भीड़ के दबाव की वजह से परीक्षाएं आखिरी स्नान पर्व के बाद ही कराना चाहता है। ऐसे में माना जा रहा है कि बोर्ड परीक्षाएं 26 फरवरी के बाद ही शुरू होंगी।
इस बार हाईस्कूल में 27,40,151 परीक्षार्थी और इंटरमीडिएट में 26,98,446 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा की शुचिता को ध्यान में रखकर एआई का भी इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके और नकल विहीन परीक्षा हो सके।




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