
यूपी बोर्ड परीक्षा में राजकीय हाईस्कूलों व इंटर कॉलेजों के परिणाम सुधारने की दिशा में एक बड़ी पहल हुई है। अब स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों को बोर्ड एग्जाम से पहले एक ऑनलाइन एग्जाम देना होगा। इसमें छात्र गणित और विज्ञान विषय की परीक्षा देंगे। इस ऑनलाइन एग्जाम के पीछे का उद्देश्य बोर्ड परीक्षा देने से पहले छात्रों द्वारा की गई तैयारियों का आकलन करना है, ताकि इस परीक्षा परिणाम को देखते हुए छात्र अपनी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर तरीके से कर सकें।
राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में छात्रों के लगातार खराब होते प्रदर्शन को देखते हुए शिक्षा विभाग की तरफ से इस कदम को उठाया गया है, जिसके लिए पूरी तैयारियां हो चुकी हैं। परीक्षा के लिए प्रधानाचार्य और शिक्षक का पंजीकरण शुरू हो गया है, इसके बाद विद्यार्थियों का पंजीकरण 26 से 30 नवंबर तक ऑनलाइन होगा।
प्रदेश के सभी राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक के छात्रों लिए ऑनलाइन परीक्षा की तारीख तय हो गई है। 12 दिसंबर को कक्षा नौ व 10 की गणित, कक्षा 11 व 12 की भौतिक विज्ञान, 13 दिसंबर को कक्षा 9 व 10 की विज्ञान, कक्षा 11 व 12 की रसायन विज्ञान, 14 दिसंबर को कक्षा 11 व 12 गणित व जीव विज्ञान की परीक्षा होगी।
ऑनलाइन परीक्षा के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उनको घर से ऑनलाइन एग्जाम देने की अनुमति प्रदान की गई है। घर से ऑनलाइन परीक्षा देने का विकल्प मिलने से छात्रों को ज्यादा परेशानी नहीं होगी और वह बिना परेशानी अपनी परीक्षा दे सकेंगे।
परीक्षा होने के एक सप्ताह में विद्यार्थी की रिपोर्ट तैयार होगी। इसमें अंक के आधार पर कमजोर छात्र चिह्नित होंगे। कमजोर छात्र की एक माह तक अतिरिक्त कक्षाएं चलाकर उन्हें दोबारा परीक्षा में शामिल होने के योग्य बनाया जाएगा। दोबारा परीक्षा के बाद विद्यार्थी की प्रगति का मूल्यांकन होगा।
इसके अलावा सभी जिला हाई स्कूल और कॉलेज के संबंधित विषय के शिक्षकों के लिए जिम्मेदारी और जवाबदेही होगी कि उनके विषयों के सभी छात्र इस ऑनलाइन परीक्षा में शामिल हों सकें, जिसके लिए सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।




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