
दिल्ली सरकार का गुरु गोबिंद सिंह इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय एक ऐसा कोर्स शुरू करने जा रहा है, जिसमें छात्र पहले ही साल विदेश में और दूसरे साल अपने देश में पढ़ाई करेंगे। विश्वविद्यालय मास्टर ऑफ साइंस इन डिजिटल प्रोडक्शन फॉर सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग कोर्स शुरू करने जा रहा है।
इस कोर्स में छात्रों को दो डिग्री मिलेंगी। एक डिग्री भारत में काम आएगी दूसरी यूरोप में। यह कोर्स दो साल का होगा। इस कोर्स के तहत पहले साल के दो सेमेस्टर की पढ़ाई पोलैंड के एजीएच यूनिवर्सिटी ऑफ क्राको में होगी। इसी प्रकार बाकी दूसरे साल के दो सेमेस्टर यानी एक साल की पढ़ाई विश्वविद्यालय के द्वारका स्थित कैम्पस में होगी।
कोई भी यूरोपियन फीस नहीं लिया जाएगा। विश्वविद्यालय की ओर से तय सामान्य फीस ही होगी। इसमें दाखिले की प्रक्रिया जनवरी 2025 से शुरू होगी। इस कोर्स में दाखिला लेने के लिए छात्र का टेक्नोलॉजी या इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट होना अनिवार्य है। इसके लिए विश्वविद्यालय ने पोलैंड की एजीएच यूनिवर्सिटी ऑफ क्राको से करार किया है। इस कोर्स में कुल 48 सीटें होंगी और इसमें दाखिला प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होगा।
एजीएच यूनिवर्सिटी आप क्राको, पोलैंड के क्राको पोलैंड के शीर्ष विश्वविद्यालय में से एक है। विश्वविद्यालय नई तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करता है। इसकी स्थापना 1919 में खनन और धातुकर्म विश्वविद्यालय के रूप में की गई थी। फिर इसे पोलैंड के प्रमुख तकनीकी विश्वविद्यालय के रूप में उन्नत किया गया।




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