
दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों को निजी स्कूलों में दाखिले के लिए वार्षिक आय सीमा को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की मंजूरी दी है। राज निवास द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस कदम से अधिक छात्रों को लाभ मिलेगा, जिनके माता-पिता आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के तहत आते हैं।
दिल्ली हाई कोर्ट ने 5 दिसंबर 2023 को अपने आदेश में दिल्ली सरकार से आय सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का निर्देश दिया था। हालांकि, दिल्ली सरकार ने अक्टूबर के अंत में मुख्यमंत्री के माध्यम से 2.5 लाख रुपये की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था। उपराज्यपाल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए मुख्यमंत्री को सलाह दी थी कि इस सीमा को कम से कम 5 लाख तक बढ़ाया जाए। इसके बाद, 13 नवंबर को हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि उसके पूर्व आदेशों का पालन नहीं किया गया।
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने नवंबर महीने में पत्र लिखकर दिल्ली की आप सरकार से निजी स्कूलों में खाली सीटों और उच्च न्यूनतम मजदूरी के मद्देनजर ईडब्ल्यूएस श्रेणी में प्रवेश के लिए आय सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की सिफारिश की थी। उन्होंने अपने पत्र में लिखा था कि उपराज्यपाल ने कहा कि उनका विचार है कि निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस सीटों पर प्रवेश के लिए प्रारंभिक सीमा उच्च शिक्षा संस्थानों में ईडब्ल्यूएस प्रवेश के मामले में लागू 8 लाख रुपये की प्रारंभिक सीमा के अनुरूप होनी चाहिए, या उच्च न्यायालय द्वारा इंगित कम से कम 5 लाख रुपये होनी चाहिए।
इस स्थिति ने दिल्ली सरकार को आय सीमा को 2.5 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने के लिए पुनः विचार करने पर मजबूर किया। यह प्रस्ताव सोमवार को एलजी को भेजा गया, जिसे मंजूरी दे दी गई। इस निर्णय से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कोटे के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए अधिक छात्रों को लाभ मिलेगा। अब ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक आय 5 लाख तक है, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।




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