
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) का पेपर लीक मामला अब तूल पकड़ता दिख रहा है। बिहार लोकसेवा आयोग की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कराने की मांग को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। रविवार को भी पटना के गांधी मैदान में छात्र जुटे और परीक्षा रद्द करने की अपनी मांग दोहराई। छात्रों के प्रदर्शन में जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर भी शामिल हुए। छात्र सीएम आवास का घेराव करने जा रहे थे। पहले से ही छात्र लगातार सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात करने की मांग कर रहे हैं लेकिन जब यह मांग भी पूरी नहीं हुई तो उन्होंने सीएम आवास का घेराव करने का फैसला लिया। इससे पहले पटना जिला प्रशासन ने आयोग के अधिकारियों से बातचीत की पेशकश की थी, लेकिन इसे छात्रों ने ठुकरा दिया था।
पटना के गांधी मैदान में हजारों की संख्या में छात्र जुटे और सीएम आवास की ओर आगे बढ़ने की कोशिश की। छात्रों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल को तैनात किया गया था और जगह-जगह पर बैरिकेडिंग भी की गई थी। छात्रों ने गांधी मैदान के करीब जेपी गोलम्बर के पहले लगी बैरीकैडिंग को तोड़ दिया और आगे बढ़ने का प्रयास किया। मजबूरन पटना पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। वहीं इसके 100 मीटर के आगे ही होटल मौर्या के पास एक और बैरीकैडिंग बनाई हुई थी, जहां छात्रों को रोका गया। जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर भी यहीं पर मौजूद थे।
इस दौरान जन सूराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने कहा, “सरकार के प्रशासनिक अधिकारी ने हमारे साथियों से बात की है और आश्वासन दिया है कि सरकार अभ्यर्थियों की मांगों पर चर्चा के लिए तैयार है। सरकार का कहना है कि छात्रों की 5 सदस्यीय कमेटी अभी मुख्य सचिव से बात करेगी ताकि उनकी समस्याओं और मांगों पर कुछ निर्णय लिया जा सके। अगर मुख्य सचिव से बात करने के बाद BPSC अभ्यर्थी संतुष्ट नहीं होते हैं तो कल सुबह सभी एक साथ बैठेंगे। मैं छात्रों से अनुरोध करूंगा कि अभी ऐसा कुछ न करें जो कानून सम्मत न हो। अगर फैसला छात्रों के पक्ष में नहीं होता है, अगर छात्रों के साथ कोई अन्याय होता है तो हम पूरी ताकत से उनके साथ खड़े रहेंगे।”
बीपीएससी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी अब सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने की मांग कर रहे हैं। हालांकि सदर एसडीएम गौरव कुमार ने आयोग के सचिव से मुलाकात करने की बात कही थी, लेकिन इस पर अभ्यर्थियों ने एसडीम को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि “हम लोग जिन पर आरोप लगा रहे हैं उस संस्थान के अधिकारी से मिलकर क्या करेंगे? हमलोगों को बीपीएसपी के अधिकारी से नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलना है। हमें अब उन्हीं से उम्मीद है। उनसे ही मुलाकात करेंगे।
बता दें कि पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने शनिवार को कहा था कि प्रदर्शनकारियों को बातचीत के लिए अपने पांच प्रतिनिधियों को नामित करना होगा, जिसके बाद बीपीएससी (मुलाकात के लिए) ‘‘उचित समय के भीतर’’ निर्णय लेगा। उन्होंने कहा था, ‘‘जिला प्रशासन ने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को अपने प्रतिनिधियों (सभी परीक्षार्थी) की सूची देने को कहा है, ताकि हम इस मुद्दे पर बीपीएससी अधिकारियों के साथ उनकी बैठक करवा सकें।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वे बैठक में आयोग के अधिकारियों को अपनी शिकायतों से अवगत करा सकते हैं। जिला प्रशासन भी प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को आश्वस्त करता है कि आयोग उचित समय के भीतर उचित निर्णय या रुख अपनाएगा।’’ सिंह ने कहा कि आयोग एक स्वतंत्र निकाय है और वह अपने निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है।




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