
डिजिटल तकनीक के माध्यम से कृषि विस्तार प्रणाली की दक्षता और प्रभावशीलता में सुधार के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय अब साथ मिलकर काम करेंगे। इस साझेदारी के तहत प्रोजेक्ट ‘विस्तार’ पर साथ मिलकर काम करने पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी है।
प्रोजेक्ट विस्तार के तहत केंद्र सरकार डिजिटल तकनीक के माध्यम से कृषि विस्तार को बेहतर बनाना चाहती है। इस परियोजना का उद्देश्य किसानों को फसल उत्पादन, विपणन और जलवायु स्मार्ट कृषि पद्धतियों जैसे विषयों पर सलाह देने वाली सेवाओं तक पहुंच प्रदान करना है। विस्तार (VISTAAR) कृषि से जुड़ा एक खुला नेटवर्क है। इस नेटवर्क का उद्देश्य विभिन्न हितधारकों को जोड़कर कृषि पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ाना है, जिसके तहत बेहतर परिणामों के लिए तकनीक और एआई का लाभ उठाया जा सकता है। वहीं, कृषि विस्तार प्रणाली के तहत कृषि से जुड़ी जानकारी, ज्ञान, और कौशल किसानों तक पहुंचाया जाता है। आसान भाषा में कहें तो कृषि मंत्रालय डिजिटल तकनीक की मदद से किसानों तक खेती से जुड़ा ज्ञान और कौशल पहुंचाना चाहता है।
आईआईटी मद्रास के स्टार्टअप अनुसंधान केंद्र के प्रमुख प्रो. थिल्लई राजन ए. ने इस परियोजना के महत्व पर जोर देते हुए कहा, कृषि भारत के सामाजिक और आर्थिक ढांचे की रीढ़ है। एक मजबूत कृषि क्षेत्र सुनिश्चित करना राष्ट्रीय विकास के लिए बेहद जरूरी है और स्टार्टअप्स कृषि मूल्य श्रृंखला में नवाचार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आईआईटी मद्रास के स्टार्टअप अनुसंधान केंद्र ने वाईनोस वेंचर इंजन नाम के अपने इनक्यूबीटी स्टार्टअप के साथ मिलकर एक स्टार्टअप सूचना प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जिसमें कृषि और कृषि आधारित क्षेत्रों से जुड़े 12,000 स्टार्टअप्स की जानकारी मौजूद है। इस समृद्ध डेटा को अब ‘विस्तार’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे कृषि विस्तार सेवाओं की प्रभावशीलता में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
कृषि विस्तार प्रणाली का डिजिटाजेशन इसका दायरा और बढ़ाएगा। वहीं, सुनिश्चित करेगा कि हर किसान को उच्च गुणवत्ता वाली सलाह मिल सकें। ये सेवाएं फसल उत्पादन, विपणन, मूल्य संवर्धन, और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को कवर करेंगी। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म किसानों को कृषि और ग्रामीण विकास से संबंधित सभी सरकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी प्रदान करेगा, जिससे वे इन योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।
कृषि मंत्रालय के विस्तार विभाग के संयुक्त सचिव, सैमुअल प्रवीण कुमार ने इस सहयोग के महत्व को समझाते हुए कहा, “कृषि स्टार्टअप्स की नवाचारपूर्ण तकनीकें कृषि को अधिक स्थिर और जलवायु परिवर्तन के प्रति संवेदनशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन तकनीकों को किसानों तक पहुँचाना और उनका उपयोग बढ़ाना कृषि विस्तार सेवाओं के माध्यम से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आईआईटी मद्रास के साथ यह साझेदारी निश्चित रूप से इस उद्देश्य को ‘विस्तार’ डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से हासिल करने में मदद करेगी।”
‘विस्तार’ परियोजना कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और डिजिटल टूल्स का उपयोग करके किसानों को समय पर, सटीक जानकारी दे सकती हैं। यह पहल कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के समग्र विकास में योगदान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।




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