
राष्ट्रीय परीक्षाओं की सुचिता बनाए रखने और परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 2025 में नई व्यवस्थाएं लागू की हैं। इसरो के पूर्व प्रमुख डॉ. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर यह कदम उठाए गए हैं।
समिति की सिफारिश के अनुसार, अब परीक्षा केंद्रों का चयन संबंधित जिलों के कलेक्टर करेंगे, और उन पर परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा और गड़बड़ी रोकने की जिम्मेदारी होगी। इसके लिए केंद्र सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव की अध्यक्षता में राज्यों के उच्च शिक्षा विभागों और जिला कलेक्टरों के साथ बैठकें की गई हैं।
एनटीए ने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए केंद्रों पर निगरानी की जिम्मेदारी पूर्व सैनिकों और पूर्व केंद्रीय वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी है। यह व्यवस्था गड़बड़ी रोकने के लिए बनाई गई है, क्योंकि पहले यह कार्य स्कूल के वरिष्ठ शिक्षकों के जिम्मे होता था।
इस साल जेईई एडवांस 2025 का आयोजक संस्थान आईआईटी कानपुर को बनाया गया है। परीक्षा प्रक्रिया में डार्कनेट से बचाव और साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है।
परीक्षा केंद्रों पर नवोदय और केंद्रीय विद्यालयों के प्रिंसिपल भी कलेक्टर की टीम का हिस्सा होंगे। इन प्रिंसिपल्स पर भी परीक्षा की सुचिता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी तय की गई है, क्योंकि उनके सेवा नियमों में जवाबदेही का प्रावधान पहले से ही है।
सरकार द्वारा उठाए गए ये कदम राष्ट्रीय परीक्षाओं को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।




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