
नई दिल्ली के प्रगति मैदान में विश्व पुस्तक मेला 2025 का शुभारंभ हो गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंडपम में मेले का उद्घाटन किया। इस बार मेले की थीम ‘रिपब्लिक@75’ (हम भारत के लोग) रखी गई है, जो भारत की समृद्ध लोकतांत्रिक यात्रा को दर्शाती है। विश्व पुस्तक मेले का आयोजन 1 फरवरी से 9 फरवरी तक किया जा रहा है।
इस प्रतिष्ठित मेले में 50 से अधिक देशों के प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं, जिनमें फ्रांस, कतर, स्पेन, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और कोलंबिया सहित अन्य राष्ट्रों के लेखक और वक्ता मौजूद रहेंगे। इस वर्ष रूस को फोकस देश के रूप में चुना गया है।
नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस मेले में 2,000 से अधिक प्रकाशक और प्रदर्शक भाग ले रहे हैं। साथ ही, 1,000 से अधिक वक्ता विभिन्न सत्रों में साहित्य, कला, प्रौद्योगिकी, शासन और सिनेमा से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे।
प्रसिद्ध हस्तियों में अभिनेता पंकज त्रिपाठी, लेखक शशि थरूर, प्रख्यात इतिहासकार पुष्पेश पंत, निर्माता-निर्देशक प्रकाश झा, कवि कुमार विश्वास सहित कई अन्य नाम शामिल हैं, जो दर्शकों से संवाद करेंगे।
मेले में बच्चों को आकर्षित करने के लिए विशेष पवेलियन और संस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। साथ ही, पुस्तक प्रेमियों को एक समृद्ध साहित्यिक अनुभव देने के लिए विभिन्न भाषाओं और राष्ट्रीयताओं के लेखकों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई है।
मेले में वयस्कों के लिए 20 रुपये और बच्चों के लिए 10 रुपये का प्रवेश शुल्क है, जबकि दिव्यांग, बुजुर्ग और स्कूल ड्रेस में आने वाले छात्रों के लिए प्रवेश निशुल्क है। मेले में प्रवेश लेने के लिए द्वार संख्या 3, 4 और 10 से पहुंचा जा सकता है। नजदीकी मेट्रो स्टेशन सुप्रीम कोर्ट है। इतना ही नहीं, आगंतुकों के लिए प्रगति मैदान प्रवेश द्वार संख्या 10 से शटल सेवा भी उपलब्ध है।
यह पुस्तक मेला पाठकों, लेखकों और साहित्य प्रेमियों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जहां वे लेखन की दुनिया में नए विचारों और संस्कृतियों से रूबरू हो सकते हैं।
नेशनल बुक ट्रस्ट के डायरेक्टर युवराज मालिक कहते हैं कि यह मेला न केवल पुस्तकों और विरासत का उत्सव मनाने वाला एक भव्य समारोह बनने जा रहा है, बल्कि यह एक महत्वाकांक्षी भारत के क्षितिज और उसके उज्ज्वल भविष्य को आकार देने वाले दृष्टिकोण की ओर भी अपना ध्यान केंद्रित करेगा। नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2025 एक ऐसा मंच है, जहां एक तरफ 75 वर्षीय भारतीय गणतंत्र का सार वैश्विक पटल से जोड़ने के लिए तैयार राष्ट्र की आकांक्षाओं के साथ जुड़ता है।
युवराज आगे बताते हैं कि इस बार मेले में भारत के विशाल साहित्यिक परिदृश्य को देखते हुए, ब्रह्मपुत्र लिटरेचर फेस्टिवल, प्रभात प्रकाशन, भारत लिटरेचर फेस्टिवल, एपीजे कोलकाता लिटरेरी फेस्टिवल, ओयर्स इंक पब्लिकेशन्स, पेंगुइन डायलॉग्स, माई सीकेट बुकशेल्फ़, एनेकडोट पब्लिशिंग हाउस, एशियन लिटरेरी सोसाइटी और ग्रेट इंडियन बुक भाग लेंगे। साथ ही राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत, MyGov के सहयोग से, आकर्षक क्विज प्रतियोगिताएं और रीडिंग प्लेज पहल भी आयोजित करेगा, जो देश भर के पाठकों को पढ़ने और ज्ञान के आनंद का उत्सव मनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।




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