
महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के देग्लूर स्थित समृद्धि कॉलेज ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज पर छात्रों ने गंभीर आरोप लगाते हुए परीक्षा न कराने और धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।
आरोप है कि कॉलेज ने 2021 में दाखिला लेने वाले लगभग 400 छात्रों से पूरी फीस लेकर परीक्षा आयोजित नहीं की। छात्रों को परीक्षा दिलाने के नाम पर कर्नाटक के बेंगलुरु, बीदर और हुमनाबाद भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें बताया गया कि परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं।
भविष्य को लेकर अनिश्चितता में घिरे कुछ छात्रों ने आत्मदाह तक की चेतावनी दी है। छात्रों का कहना है कि पिछले दो वर्षों में इस कॉलेज से कोई भी छात्र पास नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें कुछ प्रभावशाली लोग शामिल हो सकते हैं, जिनके नाम जरूरत पड़ने पर उजागर किए जाएंगे।
छात्रों ने नांदेड़ में पुलिस उपाधीक्षक (DYSP) कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि पिछले 8-10 दिनों से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र प्रदर्शन करने या कठोर कदम उठाने पर मजबूर होंगे।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, कॉलेज ने 2021 में दाखिला लेने वाले करीब 400 छात्रों को यह कहकर एडमिशन दिया था कि उनका डिप्लोमा कोर्स तीन साल में पूरा होगा। इसी आधार पर उनसे पूरी फीस भी वसूली गई। लेकिन जब परीक्षा का समय आया, तो उन्हें पड़ोसी राज्य कर्नाटक के बेंगलुरु, बीदर और हुमनाबाद भेजा गया। वहां पहुंचने पर बताया गया कि परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं और उन्हें बिना परीक्षा दिए वापस भेज दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत को आगे की जांच के लिए संबंधित थाने भेज दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाता है।




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