
दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने 2015 में सत्ता में आने के बाद 500 नए स्कूल बनाने का वादा किया था, लेकिन अब तक केवल 116 नए स्कूल खोले और 41 विद्यालय भवनों का निर्माण किया गया है। सरकार ने इन नए विद्यालय भवनों के निर्माण पर ₹3029.46 करोड़ खर्च किए।
शिक्षा निदेशालय ने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत दायर आवेदनों के जवाब में यह जानकारी साझा की। RTI 2015 से 2024 तक खोले गए नए स्कूलों और 2014 से 2024 तक बनाए गए नए विद्यालय भवनों की जानकारी मांगी गई थी। जवाब में निदेशालय ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2015-16 से 30 नवंबर 2024 तक 116 नए स्कूल खोले गए। इनमें से कुछ पुराने विद्यालयों का विभाजन कर खोले गए, जबकि कुछ पूरी तरह नए स्कूल हैं।
दिल्ली सरकार ने 2016-17 से 2024 तक 41 नए विद्यालय भवनों का निर्माण किया। हालांकि, सरकार के 500 स्कूल बनाने के दावे के मुकाबले यह संख्या काफी कम है।
नए स्कूलों के निर्माण के मामले में आरटीआई से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दिल्ली सरकार ने 2016-17 में पांच, 2017-18 में 17, 2018-19 में एक, 2019-20 में चार, 2020-21 में शून्य, 2021-22 में एक, 2022-23 में छह, 2023-24 में पांच, 2024-25 में दो स्कूल भवनों का निर्माण कराया। साल 2022 में शिक्षा निदेशालय ने एक आरटीआई आवेदन के जवाब में 63 नए स्कूल खोले जाने की जानकारी दी थी। निदेशालय की वेबसाइट के मुताबिक, दिल्ली में फिलहाल सरकारी स्कूलों की संख्या 1082 है।
RTI के जवाब में यह भी बताया गया कि दिल्ली के विभिन्न इलाकों में स्कूल खोले गए। आरटीआई आवेदन के जवाब के मुताबिक, निदेशालय ने बताया कि उसने उत्तर पश्चिम दिल्ली में 37, उत्तर पूर्वी दिल्ली में 19, दक्षिण पूर्वी दिल्ली में 14, दक्षिण पश्चिम दिल्ली में 13, पूर्वी दिल्ली में नौ, उत्तर दिल्ली में आठ, पश्चिम दिल्ली में सात, दक्षिण दिल्ली में पांच और मध्य दिल्ली में चार स्कूल खोले हैं।
AAP सरकार के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पिछले साल लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दावा किया था कि उनकी सरकार ने दिल्ली में 500 नए स्कूल बनाए। हालांकि, RTI के तहत मिली जानकारी इस दावे से मेल नहीं खाती।
दिल्ली सरकार की 2014-15 की वार्षिक योजना के अनुसार, शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत 500 नए स्कूलों की जरूरत बताई गई थी। लेकिन RTI से स्पष्ट हुआ कि अब तक सिर्फ 116 स्कूल खोले गए और 41 नए भवन बनाए गए।
आरटीआई आवेदन के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षा निदेशालय की योजना शाखा ने सरकारी विद्यालयों के निर्माण पर 2014-15 में 342.99 करोड़ रुपये, 2015-16 में 427.32 करोड़ रुपये, 2016-17 में 992.32 करोड़ रुपये, 2017-18 में 511.69 करोड़ रुपये, 2018-19 में 263.08 करोड़ रुपये, 2019-20 में 145.94 करोड़ रुपये, 2020-21 में 77.09 करोड़ रुपये, 2021-22 में 55.69 करोड़ रुपये, 2022-23 में 92.09 करोड़ रुपये, और 2023-24 में 121.25 करोड़ रुपये खर्च किये हैं।.
AAP सरकार ने शिक्षा में सुधार के लिए बजट तो खर्च किया, लेकिन 500 स्कूलों के निर्माण का वादा पूरी तरह पूरा नहीं हुआ। RTI से मिले आंकड़े सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर दर्शाते हैं।




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