
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से परीक्षा के तनाव को कम करने के उपायों पर चर्चा की। यह कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान के भारत मंडपम में सुबह 11 बजे से शुरू हुआ। यह पीपीसी का आठवां संस्करण है और इस साल इसमें विशेष रूप से परीक्षा से संबंधित तनाव को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने बच्चों को खाने-पीने के बारे में अहम टिप्स दिए। उन्होंने बताया कि बच्चों को अपने भोजन को अच्छी तरह से चबाकर खाना चाहिए, कम से कम 32 बार। उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों को कौन से खाद्य पदार्थ खाना चाहिए और किनसे बचना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि कब और क्या खाना उचित है।
प्रधानमंत्री मोदी ने परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में परीक्षा के दौरान स्ट्रेस और रिजल्ट के बारे में बात की। उन्होंने बच्चों से पूछा कि वे इससे कैसे निपटते हैं। पीएम मोदी परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के दौरान केरल की एक स्टूडेंट की हिंदी से काफी प्रभावित हुए।
पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा के दौरान शिक्षकों और अभिभावकों को भी एक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हर बच्चा खास होता है, उनकी किसी दूसरे से तुलना मत करें। बच्चों के ऊपर प्रेशर मत डालिए। बच्चा खुद पहले से बेहतर करने और बनने की कोशिश करता है।
परीक्षा से पहले स्ट्रेस के सवाल पर पीएम मोदी ने पूछा कि यह मुसीबत शुरू कहां से होती है। तनाव और डिप्रेशन होने के लक्षण नजर आने लगते हैं। अपने मन की दुविधाओं को लोगों के साथ बांटना सीखें। इससे मन शांत रहता है, साथ ही घर के किसी भी सदस्य से बात करें।
पीएम मोदी ने कहा कि कक्षा 10 और 12 के लगभग 40-50 प्रतिशत छात्र असफल होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यही उनका अंतिम लक्ष्य है। स्कूल में या जीवन में सफलता और असफलता के बीच अंतर को समझना जरूरी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि क्रिकेट खिलाड़ी दिन के अंत में अपनी गलतियों पर विचार करते हैं और उन पर काम करते हैं, छात्रों को भी यही करना चाहिए। उनके अनुसार, आपके अंक आपको नहीं, बल्कि आपके जीवन को दिखाते हैं।
पीएम मोदी में परीक्षा पे चर्चा में शामिल हुए छात्रों के साथ सुंदर नर्सरी में पेड़ भी लगाया। पीएम मोदी ने कहा जैसे ये पेड़ लगाए है, पानी पिलाने का उपाय क्या है। उन्होंने आगे बताया कि पेड़ के बगल में एक मिट्टी का मटका लगा देना चाहिए और उसमें एक महीने में पानी डालना चाहिए। इससे पेड़ का ग्रोथ कम पानी से भी होगा।




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