
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत विद्यार्थियों को परीक्षाओं के तनाव से राहत देने के उद्देश्य से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने परीक्षा पैटर्न में बदलाव का निर्णय लिया है।
शैक्षणिक सत्र 2025-26 से, सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित की जाएंगी।
यह बदलाव खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि इस नए प्रस्ताव के तहत साल में दो बार बोर्ड परीक्षा के मसौदे पर सुझाव प्राप्त करने के लिए शिक्षकों, छात्रों और शिक्षाविदों से सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया मांगी जाएगी। इसके आधार पर आगे की रूपरेखा तय की जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सोमवार को सीबीएसई द्वारा साल में दो बार परीक्षा आयोजित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर लिखा, “छात्रों के लिए तनाव-मुक्त शिक्षण वातावरण सुनिश्चित करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता रही है। परीक्षा सुधार इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसे आगे बढ़ाते हुए, ‘वर्ष में दो बार सीबीएसई परीक्षा आयोजित करने’ पर मंत्रालय और सीबीएसई के अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इस मसौदा योजना को जल्द ही सीबीएसई द्वारा सार्वजनिक परामर्श के लिए रखा जाएगा। यह सुधार NEP 2020 के प्रमुख प्रावधानों के कार्यान्वयन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है और छात्रों के बीच परीक्षा संबंधी तनाव को कम करने में मदद करेगा।”
इसके अलावा, सीबीएसई बोर्ड का नया शैक्षणिक सत्र अप्रैल में शुरू होगा और इसके आसपास बोर्ड परीक्षा की अधिसूचना भी जारी की जाएगी। शिक्षा मंत्री प्रधान ने कहा, “विद्यार्थियों के लिए तनाव मुक्त शिक्षण वातावरण सुनिश्चित करना सरकार का फोकस रहा है। यह परीक्षा सुधार इस दिशा में एक अहम कदम है और NEP 2020 के प्रावधानों के कार्यान्वयन में भी मदद करेगा।”




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