
बिहार में नीतीश कुमार की अगुवाई वाली एनडीए सरकार ने छात्रों के लिए अपने बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। सोमवार को बिहार सरकार ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया, जिसमें शिक्षा क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई है। इस बजट में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लिए 1000 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है, वहीं 358 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज की स्थापना का ऐलान भी किया गया है। इसके साथ ही, प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप की राशि भी दोगुनी कर दी गई है।
विधानसभा में बजट प्रस्तुत करते हुए बिहार के वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य के 534 प्रखंडों में से 358 प्रखंडों में अब तक सरकारी डिग्री कॉलेज नहीं हैं। इस वजह से, इन प्रखंडों में चरणबद्ध तरीके से एक-एक कॉलेज खोले जाएंगे। इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि कक्षा 1 से 10 तक के सामान्य श्रेणी के छात्रों (अल्पसंख्यकों सहित) की स्कॉलरशिप राशि को दोगुना किया जाएगा। इसके साथ ही, प्राइवेट सेक्टर के सहयोग से राज्य में नए प्राइवेट मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे, और निजी जनभागीदारी के आधार पर नए सरकारी मेडिकल कॉलेज भी स्थापित किए जाएंगे।
बजट में यह भी घोषणा की गई कि मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावास अनुदान योजना के तहत छात्रावास अनुदान की राशि 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रति माह की जाएगी। इसके अतिरिक्त, अनुसूचित जाति और जनजाति आबादी वाले 40 प्रखंडों में आवासीय विद्यालयों की कमी को पूरा करने के लिए एक-एक 720 आवासीय विद्यालय की स्थापना की जाएगी, जिसके तहत 2025-26 वित्तीय वर्ष में 14 आवासीय विद्यालयों का निर्माण कराया जाएगा।




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