
भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), रोहतक के निदेशक धीरज शर्मा पर निलंबन की कार्रवाई हो सकती है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने IIM रोहतक के बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह शर्मा को निलंबित करे या जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेजे।
निदेशक को IIM परिसर से दूर रहने का निर्देश
सूत्रों के अनुसार, शर्मा को अगले आदेश तक IIM परिसर से दूर रहने के लिए कहा गया है। इसके अलावा, संस्थान का प्रभार किसी अन्य संकाय सदस्य को सौंपने का निर्देश दिया गया है, जो वित्तीय मामलों से संबद्ध न हो।
वित्तीय गड़बड़ियों और फर्जी आंकड़ों के आरोप
शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने IIM रोहतक की वित्तीय स्थिति को गलत तरीके से प्रस्तुत किया और 2018-19 से अब तक हर साल एक करोड़ रुपये से अधिक ‘वेरिएबल पे’ लेने के लिए फर्जी आंकड़े पेश किए।
राष्ट्रपति के आदेश पर हो रही जांच
इस महीने की शुरुआत में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शर्मा के कार्यकाल के दौरान सरकारी धन के दुरुपयोग की जांच के आदेश दिए थे। इस जांच में शर्मा और IIM रोहतक में भर्ती अन्य कर्मचारियों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की भी जांच की जाएगी।
गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा
शिक्षा मंत्रालय के प्रधान मुख्य लेखा नियंत्रक की जांच में IIM रोहतक में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं। मंत्रालय ने यह भी पाया कि शर्मा से उनके डिग्री प्रमाण पत्र बार-बार मांगे गए, लेकिन IIM रोहतक ने उन्हें नहीं सौंपा।
जांच समिति को तीन महीने में रिपोर्ट देने का निर्देश
इस संबंध में IIM रोहतक के बोर्ड अध्यक्ष जय देव श्रॉफ को आधिकारिक पत्र भेजा गया है। शिक्षा मंत्रालय ने 17 मार्च को प्रस्तावित 63वीं बोर्ड बैठक के एजेंडे में नीरज कंसल के पुनर्नियुक्ति प्रस्ताव को भी रद्द करने का निर्देश दिया है।
IIM रोहतक की जांच IIM मुंबई के निदेशक प्रो. मनोज तिवारी करेंगे और उन्हें तीन महीने में जांच पूरी करने का निर्देश दिया गया है।




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