
दिल्ली में छेड़छाड़ और बदतमीजी करने वालों की खैर नहीं। अब सरकारी स्कूलों की छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। दिल्ली पुलिस के सहयोग से तैयार किए गए इस प्रशिक्षण मॉड्यूल के तहत छात्राएं दुपट्टा, स्टोल, मफलर, बैग, पेन, पेंसिल और चाबी के गुच्छे जैसे सामान को हथियार की तरह इस्तेमाल कर अपनी सुरक्षा करना सीखेंगी।
21 मार्च से शुरू होगा प्रशिक्षण
शिक्षा निदेशालय की खेल और शारीरिक शिक्षा शाखा ने सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि कक्षा 10वीं और 11वीं की छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण देने की तैयारी करें।
पहले चरण में 21 मार्च से 29 मार्च तक पूर्वी, दक्षिण-पूर्वी और नई दिल्ली जिले के स्कूलों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए स्कूल प्रमुखों को स्थानीय पुलिस थानों से समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल प्रमुखों को स्थानीय थाने के एसएचओ को पत्र लिखकर पर्याप्त पुलिसकर्मियों की मांग करने को कहा गया है।
21 हजार से ज्यादा छात्राओं को मिलेगा प्रशिक्षण
सरकारी स्कूलों की कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं को अलग-अलग चरणों में आत्मरक्षा तकनीक सिखाई जाएगी। पहले चरण में कक्षा 10वीं और 11वीं की करीब 21,996 छात्राओं को दिल्ली पुलिस और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों द्वारा पांच दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कैसे होगा आत्मरक्षा का प्रशिक्षण?
छात्राओं को दुपट्टा, मफलर, बैग, पेन, चाबी के गुच्छे, नोटबुक जैसी रोजमर्रा की चीजों को आत्मरक्षा के हथियार की तरह इस्तेमाल करना सिखाया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम 1-2 घंटे का होगा और इसकी निगरानी जोनल शिक्षा अधिकारी करेंगे।रोजाना प्रशिक्षण की रिपोर्ट तैयार की जाएगी ताकि प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके।
यह पहल दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने और छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।




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