
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने 17 मार्च को नीट पीजी 2025 की परीक्षा तिथि की घोषणा की। परीक्षा का आयोजन दो शिफ्टों में किया जाएगा। हालांकि, इस फैसले के बाद मेडिकल समुदाय में ऑनलाइन विवाद शुरू हो गया। कई उम्मीदवारों, डॉक्टरों और मेडिकल कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए सामान्यीकरण प्रक्रिया और परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर अपनी चिंताओं को व्यक्त किया।
एक डॉक्टर ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए इसे त्रुटिपूर्ण बताया और लिखा, “एनबीईएमएस ने 2024 में #सामान्यीकरण की गड़बड़ी के बावजूद #नीटपीजी 2025 की घोषणा दो शिफ्टों में की है! इससे अनुचित स्कोरिंग, कानूनी विवाद और उम्मीदवारों में बेचैनी पैदा होती है – वही गलतियां क्यों दोहराई जाती हैं?” इसके साथ ही, यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (यूडीएफ) ने गृह मंत्री श्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर एक ही शिफ्ट में नीट-पीजी 2025 आयोजित करने के निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।
वहीं, एक अन्य डॉक्टर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि “एक राष्ट्र एक चुनाव कराने में सक्षम सरकार को एक राष्ट्र एक परीक्षा कराने में भी सक्षम होना चाहिए।”
बता दें कि नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने नीट पीजी 2025 के आयोजन के लिए दो शिफ्टों का निर्णय लिया है। पहली शिफ्ट सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 12.30 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3.30 बजे से शाम 7 बजे तक होगी। परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट natboard.edu.in पर जाकर नोटिस की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।




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