
भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 286 दिनों के बाद धरती पर वापस लौट आई हैं। नासा के वैज्ञानिकों के मुताबिक, सुनीता और बैरी विल्मोर समेत चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर लौटा यान आज तड़के 3.27 बजे अमेरिका के फ्लोरिडा में समुद्र तल पर उतरा। इस मिशन में नासा के साथ एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स का भी उल्लेखनीय सहयोग रहा। फ्लोरिडा में स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल से लौटे चारों अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी की नासा ने पुष्टि की है।
नासा की टीम अपने अंतरिक्ष यात्रियों का स्वागत करने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बोट के साथ वहां मौजूद थी। इस दौरान समुद्र में एक आकर्षक दृश्य भी देखने को मिला, जब सुनीता विलियम्स के कैप्सूल के चारों ओर डॉल्फिन का एक झुंड तैरता नजर आया, मानो वे इस ऐतिहासिक वापसी का स्वागत कर रही हों।
स्पेसएक्स के ड्रैगन यान को नासा के अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स के साथ धरती पर लौटने में 17 घंटे लगे। जबकि, रूस के सोयूज अंतरिक्षयान को अंतरिक्ष से वापसी में महज साढ़े तीन घंटे का समय लगता है। यह समय मिशन की सुरक्षा के लिहाज से लिया गया, जिसमें मौसम का भी विश्लेषण किया गया और उसके बाद ही ड्रैगन को समुद्र में सुरक्षित रूप से उतारा गया।
नासा ने आधिकारिक बयान में कहा कि सभी अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित धरती पर लौट चुके हैं और उनकी तबीयत ठीक है। उन्हें निगरानी में रखा जाएगा। नासा ने कोस्ट गार्ड की टीम के काम की भी सराहना की, जो समुद्र से बाहर निकालने की प्रक्रिया में शामिल थी। स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क ने सफल वापसी के बाद बधाई दी और कहा कि स्पेसएक्स और नासा की टीमों ने एक और सुरक्षित अंतरिक्ष यात्री वापसी कराने में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने इस मिशन को प्राथमिकता देने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी धन्यवाद दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि जब सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर पूरी तरह से ठीक हो जाएंगे, तो वे दोनों से ओवल ऑफिस में मुलाकात करेंगे।
5 जून 2024 को जब सुनीता विलियम्स और उनके साथी बैरी विल्मोर बोइंग के स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट से अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पहुंचे थे, तब किसी ने सोचा भी नहीं था कि उनका आठ दिन लंबा मिशन 9 महीनों से ज्यादा समय के लिए खिंच जाएगा। अब अमेरिकी समयानुसार 18 मार्च को जब सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर पृथ्वी पर लौटे, तो वे आईएसएस पर 286 दिन बिता चुके थे। इस दौरान सुनीता ने कई रिकॉर्ड्स अपने नाम किए, जिनमें स्पेसवॉक और स्पेसशिप में बिताए गए समय के रिकॉर्ड शामिल हैं।
सुनीता विलियम्स अब तक तीन बार अंतरिक्ष मिशन पर जा चुकी हैं। इनमें 2006, 2013 और 2024 के मिशन शामिल हैं। कुल मिलाकर उन्होंने 608 घंटे अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर बिताए हैं, जो नासा के किसी अंतरिक्ष यात्री के लिए दूसरी सबसे ज्यादा अवधि है। अमेरिकी अंतरिक्षयात्रियों में उनसे आगे केवल पेगी व्हिटसन हैं, जिन्होंने आईएसएस पर 675 दिन बिताए हैं।
हालांकि, अगर हम दुनियाभर के अंतरिक्ष यात्रियों की बात करें, तो रूस के कॉस्मोनॉट्स का रिकॉर्ड नासा के एस्ट्रोनॉट्स से आगे है। रूस के कॉस्मोनॉट ओलेग कोनोनेंको ने पिछले साल जून में 33 महीने यानी 1000 दिन अंतरिक्ष में रहने का रिकॉर्ड बनाया।
सुनीता विलियम्स ने इस बार आईएसएस पर अपना सबसे लंबा समय बिताने का रिकॉर्ड बनाया और 286 दिन तक अंतरिक्ष में रहकर नासा की रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराया। अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों में एक दौरे में सबसे ज्यादा दिन आईएसएस पर रहने का रिकॉर्ड अब तक फ्रैंक रूबियो के पास है, जबकि मार्क वांडे हेई ने 355 दिन आईएसएस पर बिताए हैं। इसके बाद स्कॉट केली, क्रिस्टिना कॉश और पेगी व्हिटसन का नंबर आता है। इस लिहाज से सुनीता विलियम्स अब छठे स्थान पर हैं।




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