
कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET UG 2025) के लिए आवेदन प्रक्रिया अब शुरू हो गई है, जो 22 मार्च तक चलेगी। फीस जमा करने की आखिरी तिथि 23 मार्च रखी गई है। इस साल 340 विश्वविद्यालयों ने इस प्रवेश परीक्षा को अपनाया है, जिससे छात्रों के पास ग्रेजुएशन कोर्स में एडमिशन लेने के लिए और भी अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे।
यूजीसी चेयरमैन की जानकारी
यूजीसी (UGC) के चेयरमैन एम. जगदीश कुमार ने बताया कि CUET के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा आयोजित करने से छात्रों पर पड़ने वाला दबाव कम होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि विश्वविद्यालयों के लिए अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं होतीं, तो छात्रों को कई परीक्षाओं की तैयारी करनी पड़ती, जिससे मानसिक और आर्थिक बोझ बढ़ता। इसके बजाय, CUET प्रणाली ने इस प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बना दिया है।
बढ़ती भागीदारी
यूजीसी चेयरमैन के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में CUET को अपनाने वाले विश्वविद्यालयों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। इस साल 340 विश्वविद्यालयों ने इस प्रणाली को अपनाया है, जबकि भारत में कुल विश्वविद्यालयों की संख्या लगभग 1,180 है। हर साल अधिक संस्थान इस प्रवेश परीक्षा को स्वीकार कर रहे हैं, जिससे यह और अधिक व्यापक बनती जा रही है।
CUET UG 2025 की परीक्षा कब होगी?
CUET UG 2025 का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 8 मई से 1 जून 2025 के बीच किया जाएगा। यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित होगी और देशभर के परीक्षा केंद्रों पर होगी। परीक्षा 13 भाषाओं में आयोजित की जाएगी, जिनमें अंग्रेजी, हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, मराठी, गुजराती, उड़िया, बंगाली, असमिया, पंजाबी और उर्दू शामिल हैं।
छात्रों को क्या होगा फायदा?
CUET को अपनाने वाले विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ने से छात्रों को अधिक विकल्प मिलेंगे। अब वे देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों में एक समान प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से दाखिला ले सकेंगे, जिससे योग्यता के आधार पर चयन करना आसान होगा। यह प्रणाली न केवल पारदर्शिता लाएगी, बल्कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा देगी। CUET UG 2025 छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है, क्योंकि इससे उन्हें अपनी पसंद के विषयों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने की बेहतर सुविधा मिलेगी।




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