
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक निजी स्कूल द्वारा कथित रूप से फीस बढ़ाने को लेकर अभिभावकों से प्राप्त शिकायतों के बाद एक नोटिस जारी किया है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल ने शिक्षा निदेशालय (DoE) की मंजूरी के बिना ही फीस में वृद्धि की है, जिससे छात्रों के अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
आयोग की कार्रवाई
NCPCR ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा उपनिदेशक (दक्षिण-पश्चिम) को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, स्कूल प्राधिकरण से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।
इसके अलावा, आयोग ने यह भी दावा किया कि कुछ छात्रों को पूरे दिन लाइब्रेरी में बैठाया जा रहा है और उन्हें कक्षाओं में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
फीस वृद्धि को लेकर पहले भी उठ चुकी हैं शिकायतें
NCPCR ने इस बात पर जोर दिया कि स्कूलों की फीस राज्य के अधिकार क्षेत्र में आती है और फीस संबंधित किसी भी मुद्दे को अभिभावकों और स्कूल प्रशासन के बीच सौहार्दपूर्ण तरीके से हल किया जाना चाहिए। आयोग ने कहा, “छात्रों को फीस के कारण परेशान नहीं किया जाना चाहिए और उनकी शैक्षणिक प्रगति में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए।”
आयोग ने जिला शिक्षा अधिकारी को मामले की जांच करने और 15 दिन के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
अभिभावकों की चिंताएं
दिल्ली अभिभावक संघ की अध्यक्ष अपराजिता गौतम ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब फीस वृद्धि को लेकर चिंता जताई गई हो। उन्होंने बताया, “हमने पहले भी कई स्कूलों में इसी तरह के मुद्दों के संबंध में विभिन्न विभागों से संपर्क किया है।”




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