
महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने राज्य विधानसभा और परिषद में यह महत्वपूर्ण घोषणा की कि 2028 तक राज्य में कक्षा 12 तक CBSE पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा।
भुसे ने जानकारी दी कि 2025 से कक्षा 1 के लिए नया पाठ्यक्रम शुरू होगा, और यह धीरे-धीरे अन्य कक्षाओं में लागू किया जाएगा। 2026 में कक्षा 2, 3, 4 और 6, 2027 में कक्षा 5, 7, 9 और 11, और अंततः 2028 में कक्षा 8, 10 और 12 को नया पाठ्यक्रम शामिल किया जाएगा।
मंत्री ने यह भी बताया कि कक्षा 1 के लिए नए पाठ्यक्रम की किताबें तैयार की जा रही हैं और बालभारती को इस कार्य की जिम्मेदारी दी गई है। बालभारती राज्य शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम में आवश्यक बदलाव कर रही है ताकि छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सके।
नए पाठ्यक्रम के फायदे
1. निरंतर और व्यापक मूल्यांकन: केवल अंतिम परीक्षा पर निर्भर रहने के बजाय, निरंतर और व्यापक मूल्यांकन पर जोर दिया जाएगा।
2. सॉफ्ट स्किल्स का विकास: यह छात्रों के सॉफ्ट स्किल्स (जैसे संचार, विश्लेषण, समस्या समाधान) के विकास में मदद करेगा।
3. प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए तैयारी: इससे छात्रों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी करने का मौका मिलेगा।
4. प्रायोगिक ज्ञान और तकनीकी शिक्षा: शिक्षा में प्रायोगिक ज्ञान और तकनीक को अधिक महत्व दिया जाएगा।
इस फैसले पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए, लेकिन मंत्री ने इसे छात्रों के हित में जरूरी बदलाव बताया। उन्होंने कहा कि बालभारती द्वारा तैयार की जा रही नई किताबें तकनीकी ज्ञान पर केंद्रित होंगी, जिससे छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा मिलेगी और वे भविष्य के लिए बेहतर तैयार हो सकेंगे।
राज्य सरकार का मानना है कि CBSE पाठ्यक्रम लागू होने से महाराष्ट्र के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी, जिससे शिक्षा का स्तर और गुणवत्ता दोनों सुधरेंगे।




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