
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के छात्र संगठन ने मंगलवार को रवींद्र भारती विश्वविद्यालय (RBU) के कार्यवाहक कुलपति शुभ्र कमल मुखर्जी के कार्यालय को बंद कर दिया। छात्रों का आरोप है कि मुखर्जी अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर नीतिगत फैसले ले रहे हैं, जो विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए समस्याएं उत्पन्न कर रहे हैं।
जब यह प्रदर्शन हुआ, उस समय मुखर्जी अपने जोड़ासांको स्थित कार्यालय में मौजूद नहीं थे। लगभग 50 छात्र संगठन के सदस्यों ने उनके कार्यालय के बाहर धरना दिया और कक्ष का दरवाजा बंद कर दिया। मुखर्जी ने इस घटना को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए प्रतिक्रिया दी।
कुलपति के फैसलों पर विवाद
टीएमसीपी के सदस्य एक दिन पहले भी कार्यवाहक कुलपति को उनके कार्यालय में प्रवेश करने से रोक चुके थे और उनके इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की थी। यह प्रदर्शन उस समय शुरू हुआ जब मुखर्जी ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (EC) की बैठक बुलाई और कुछ महत्वपूर्ण प्रशासनिक और शैक्षणिक फैसले लिए।
टीएमसीपी के एक नेता ने दावा किया कि कार्यवाहक कुलपति को इस तरह की नीति संबंधी बैठकें बुलाने का अधिकार नहीं है, यह केवल पूर्णकालिक कुलपति का विशेषाधिकार है। एक अन्य छात्र नेता ने कहा कि जब तक मुखर्जी को उनके पद से हटाया नहीं जाता, तब तक उन्हें कुलपति कार्यालय में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
प्रशासनिक संकट और मुखर्जी की प्रतिक्रिया
यह विश्वविद्यालय पिछले डेढ़ साल से प्रशासनिक समस्याओं से जूझ रहा है। 2023 में राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने मुखर्जी को कार्यवाहक कुलपति नियुक्त किया था, और तब से वे इस पद पर कार्यरत हैं।
मुखर्जी ने कहा, “यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। वे मुझे उस स्थान पर प्रवेश करने से रोक रहे हैं, जो गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की यादों से जुड़ा है। क्या यह किसी टैगोर प्रेमी के लिए झटका नहीं है?”
उन्होंने यह भी दावा किया कि इस विरोध के पीछे केवल छात्र नहीं, बल्कि कुछ गैर-शिक्षण कर्मचारी और अन्य शक्तियां भी हैं। मुखर्जी ने कहा कि वह इस स्थिति में विश्वविद्यालय नहीं जाएंगे और इस मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे दी है।




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