
पिछले कुछ वर्षों में भले ही अन्य भाषाओं में मेडिकल प्रवेश परीक्षा (नीट यूजी) देने वाले छात्रों की संख्या बढ़ी है, लेकिन अभी भी अंग्रेजी ही सबसे लोकप्रिय भाषा है। करीब 80 फीसदी छात्र-छात्राएं अंग्रेजी में नीट यूजी परीक्षा देते हैं।
भाषाओं में बदलाव और आंकड़े
मेडिकल प्रवेश परीक्षा (नीट यूजी) आयोजित करने वाली एजेंसी एनटीए के आंकड़ों के अनुसार, 2019 में 179,857 छात्रों ने हिंदी को अपनी प्राथमिक भाषा के रूप में चुना था, जबकि 2024 में यह संख्या बढ़कर 357,908 हो गई है। इसी तरह, तमिल में परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या 2020 में 17,101 से बढ़कर 2024 में 36,333 हो गई है।
अंग्रेजी का नेतृत्व और प्रतिशत में कमी
हालांकि हिंदी और अन्य भाषाओं में छात्रों की संख्या बढ़ी है, लेकिन नीट यूजी परीक्षा के लिए रजिस्टर्ड करीब 80% छात्रों ने अभी भी अंग्रेजी को अपनी प्राथमिक भाषा के रूप में चुना है। 2019 में यह प्रतिशत 79.3% था, जो 2024 में घटकर 78.6% हो गया है। यानी पांच सालों में सिर्फ 0.7 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो इंग्लिश लैंग्वेज में दर्ज की गई है।
घटती संख्या वाली भाषाएं
कुछ भाषाओं में परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या में गिरावट भी देखी गई है। उदाहरण के लिए, गुजराती में परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या 2019 में 59,395 से घटकर 2024 में 58,836 हो गई है। उड़िया भाषा में भी यह संख्या घटकर 2024 में 1,312 रह गई, जबकि 2019 में यह संख्या 31,490 थी। इसी तरह, उर्दू में परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या भी 1,858 से घटकर 1,545 हो गई है।
इससे यह स्पष्ट है कि, जबकि अन्य भाषाओं में छात्रों की संख्या में वृद्धि हो रही है, अंग्रेजी का दबदबा अब भी कायम है।




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