
पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2024 में शामिल अभ्यर्थियों की हर एक गतिविधि पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की पैनी नजर थी। 22 दिसंबर 2024 को प्रदेश के 75 जिलों के 1331 केंद्रों में आयोजित इस परीक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सफल प्रयोग के बाद आयोग अपनी अन्य परीक्षाओं में भी इस तकनीक का इस्तेमाल करने जा रहा है।
केंद्र निर्धारण नीति के नियम सख्त होने के कारण आयोग को अब सभी 75 जिलों में परीक्षा करानी पड़ रही है, और हर स्थान पर आयोग के प्रतिनिधियों की उपस्थिति संभव नहीं है। इसी कारण आयोग ने गड़बड़ी रोकने के लिए एआई तकनीक का सहारा लिया है। एआई आधारित कैमरे हर परीक्षा केंद्र में प्रत्येक अभ्यर्थी की गतिविधियों पर पैनी नजर रख सकेंगे।
एआई आधारित सीसीटीवी कैमरे अभ्यर्थियों की पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। यदि कोई अभ्यर्थी अपने अगल-बगल या आगे-पीछे बैठे किसी अन्य अभ्यर्थी से फुसफुसाता है तो कैमरे उसकी इस गतिविधि को संदिग्ध मानते हुए कंट्रोल रूम तक संदेश भेज देंगे। अभ्यर्थियों की अन्य गतिविधियां भी एआई की निगरानी में होंगी।
सूत्रों के अनुसार, आयोग परिसर में एक हाईटेक कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है, जहां से सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी की जा सकेगी। 27 जुलाई को प्रस्तावित समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) प्रारंभिक परीक्षा-2023 में भी एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों का प्रयोग किया जाएगा। यदि कोई अभ्यर्थी दस मिनट के लिए भी अपनी सीट छोड़ता है, तो एआई सिस्टम तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट कर देगा।
यहां तक कि अगर कोई कक्ष निरीक्षक किसी अभ्यर्थी से बातचीत करता है या कोई अभ्यर्थी बार-बार इधर-उधर देखता है, तो भी वह एआई की नजर से बच नहीं सकेगा। नकल के लिए चिट या किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल करने पर भी एआई अलर्ट हो जाएगा। संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम सतर्क हो जाएगा और संबंधित अभ्यर्थी को रंगे हाथों पकड़ा जा सकेगा।




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