
लखनऊ विश्वविद्यालय एक बार फिर छात्र हिंसा का गवाह बना। दोपहर करीब 1 बजे से 2:30 बजे तक विश्वविद्यालय परिसर मानो युद्धभूमि में तब्दील हो गया, जब दो छात्र गुटों के बीच मामूली विवाद ने उग्र रूप ले लिया। झगड़े की शुरुआत हॉस्टल के पास गाड़ी का हार्न बजाने को लेकर हुई, जो देखते ही देखते भीषण मारपीट में बदल गई।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
सूत्रों के अनुसार, कुछ डे स्कॉलर छात्र अपने मित्र से मिलने के लिए हबीबुल्लाह छात्रावास पहुंचे थे। वहां गाड़ी का हार्न लगातार बजाने पर छात्रावास में रहने वाले छात्रों ने आपत्ति जताई। कहासुनी के बाद मामला बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई।
मारपीट की एक और घटना तब हुई जब हॉस्टल छात्रों को खबर मिली कि शिवाजी पार्क के पास उनके एक साथी की पिटाई की गई है। इसके बाद बड़ी संख्या में हॉस्टल छात्र बैट और स्टंप लेकर घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। वहीं, डे स्कॉलर छात्र भी ग्राउंड के पास जुट गए, और दोनों पक्षों में फिर से भिड़ंत हो गई।
पूरे कैंपस में फैला तनाव
शिवाजी पार्क, कॉमर्स विभाग, गेट नंबर 1, विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर समेत सभी जगहों पर छात्र एक-दूसरे को दौड़ा-दौड़ाकर पीटते नजर आए। करीब 5 छात्रों के सिर फूटने की सूचना है, जिन्हें इलाज के लिए बलरामपुर अस्पताल भेजा गया है।
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वहीं, प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने तुरंत मौके पर पहुंचकर हालात को काबू में किया।
कुलानुशासक प्रो. राकेश द्विवेदी के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित कर दी गई है। एक छात्र गुट ने कुलानुशासक कार्यालय में शिकायत दी है, जबकि दूसरा गुट स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज कराने गया है।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन का कहना है कि इस घटना की गंभीरता से जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।




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