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आंध्र प्रदेश में नर्सिंग पाठ्यक्रमों में अब CET के ज़रिये मिलेगा प्रवेश, शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से लागू होगा बदलाव

आंध्र प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि अब नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) के माध्यम से किया जाएगा। यह भारत में अपनी तरह की पहली पहल है।यह बदलाव शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से लागू होगा।

अब तक, नर्सिंग में प्रवेश इंटरमीडिएट के अंकों या नीट (NEET) और ईएएमसीईटी (EAMCET) जैसे परीक्षाओं के आधार पर होता था। लेकिन अब अगले साल से बीएससी (नर्सिंग) के लिए एक समर्पित CET शुरू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य प्रवेश प्रक्रिया को छात्रों के लिए अधिक अनुकूल और योग्यता-आधारित बनाना है।

यह परीक्षा हर साल जून के दूसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी, जिसकी प्रक्रिया अप्रैल में शुरू होकर जुलाई तक पूरी हो जाएगी जो अब तक नवंबर में होती थी।

यह निर्णय विजयवाड़ा स्थित डॉ. एनटीआर यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज में हुई तीन घंटे लंबी बैठक के बाद लिया गया।

बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने की, जिसमें राज्य के सभी 13 जिलों की नर्सिंग कॉलेज एसोसिएशनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

पुराने फीस ढांचे को लेकर उठी चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने घोषणा की कि सरकार मौजूदा फीस की समीक्षा करेगी — जो वर्तमान में जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM) के लिए ₹15,000 और बीएससी (नर्सिंग) के लिए ₹19,000 प्रति वर्ष है — ताकि गुणवत्ता और वहनशीलता के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके।

एक और महत्वपूर्ण निर्णय में, सरकार GNM पाठ्यक्रमों में CET-आधारित प्रवेश प्रक्रिया को नियंत्रित करने के लिए एक परीक्षा बोर्ड की स्थापना करेगी।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे वर्तमान में लागू 52 खंडित सरकारी आदेशों (GOs) के स्थान पर एक संविलियन आदेश (Consolidated GO) तैयार करें। यह समग्र GO जुलाई 2025 तक तैयार होने की संभावना है।

मंत्री यादव ने हाल ही में हुई निरीक्षणों में सामने आई अनियमितताओं पर चिंता जताई, जिनमें कुछ संस्थानों के पास वैध अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं थे, उनके संचालन ट्रस्ट या सोसायटी से जुड़े दस्तावेज अधूरे थे, और उनके पास पैरेन्ट हॉस्पिटल या आवश्यक ढांचा भी नहीं था। जो संस्थान इन समस्याओं का समाधान अगले शैक्षणिक वर्ष तक नहीं करेंगे, उन्हें प्रवेश की मंजूरी नहीं दी जाएगी।

इसके अलावा, मंत्री ने निर्धारित शुल्क से अधिक फीस वसूलने वाले संस्थानों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह के उल्लंघनों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

 

Asmita Sarkar

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