
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के विरोध में आज पूरे राज्य में सभी स्कूल बंद रहे। इस फैसले की घोषणा जेएंडके प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन जम्मू (PSAJK) द्वारा की गई, जिसने एक आपातकालीन बैठक बुलाकर यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया। इस निर्णय के तहत जम्मू-कश्मीर के सभी बोर्डों के अंतर्गत आने वाले सरकारी और निजी स्कूलों को एक दिन के लिए बंद रखने का निर्देश दिया गया।
विश्वविद्यालयों में भी ठप रही पढ़ाई
सिर्फ स्कूल ही नहीं, जम्मू विश्वविद्यालय में भी आज सभी शैक्षणिक गतिविधियां स्थगित कर दी गईं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने न केवल कक्षाएं रद्द कीं, बल्कि आज होने वाली सभी परीक्षाओं को भी अगली तारीख के लिए टाल दिया। यह कदम राज्यभर में शोक और एकजुटता के माहौल को ध्यान में रखते हुए उठाया गया।
एसोसिएशन ने जताया दुख और एकजुटता का संदेश दिया
पीएसएजेके ने पहलगाम में हुए इस “बर्बर और अमानवीय” आतंकी हमले की तीव्र निंदा करते हुए, इसे मानवीय मूल्यों और समाज की शांति के विरुद्ध बताया। संगठन ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमला न केवल एक स्थान विशेष पर, बल्कि पूरे राज्य के शैक्षिक समुदाय पर हमला है।
एसोसिएशन ने सभी शैक्षिक संस्थानों और समुदाय के सदस्यों से अपील की कि वे एकजुट होकर पीड़ितों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें और राज्य में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहयोग करें।
PSAJK अध्यक्ष का बयान
पीएसएजेके के अध्यक्ष जी.एन. वर ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “हम पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं। यह हमला अत्यंत निंदनीय है और हम शोक संतप्त परिवारों के साथ अपनी गहरी संवेदना और अटूट एकजुटता प्रकट करते हैं। स्कूलों को बंद करना न केवल हमारे सामूहिक दुख और आक्रोश को व्यक्त करने का तरीका है, बल्कि यह शांति, मानवता और एक सुरक्षित भविष्य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
यह बंद एक प्रतीकात्मक लेकिन शक्तिशाली संदेश है कि जम्मू-कश्मीर का शैक्षिक समुदाय आतंक और हिंसा के विरुद्ध खड़ा है और भविष्य में एक शांतिपूर्ण और सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।




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