
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के एक मामले की जांच के तहत गुरुवार को प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान फिटजी के खिलाफ दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के अंतर्गत की जा रही है।
फिटजी के अचानक बंद होने से हजारों छात्र प्रभावित
हाल ही में फिटजी द्वारा अपने कई कोचिंग सेंटर अचानक बंद किए जाने से लगभग 12,000 छात्र प्रभावित हुए हैं। अभिभावकों का आरोप है कि उन्होंने पूरे वर्ष की फीस अग्रिम में जमा कर दी थी, लेकिन संस्थान ने बिना किसी पूर्व सूचना के अपने केंद्रों को बंद कर दिया।
दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में 8 ठिकानों पर तलाशी अभियान
अधिकारियों के अनुसार, यह तलाशी अभियान दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम स्थित आठ ठिकानों पर चलाया जा रहा है। ये स्थान संस्थान, इसके प्रमोटर डी.के. गोयल और अन्य संबंधित व्यक्तियों से जुड़े हुए हैं।
एफआईआर के आधार पर ईडी की कार्रवाई
इस मामले की शुरुआत नोएडा और दिल्ली पुलिस में दर्ज एफआईआर से हुई, जिसमें कई अभिभावकों ने शिकायत की थी कि उन्हें न तो फीस वापस मिली और न ही कोई सूचना दी गई। इसके बाद ईडी ने मामले में जांच शुरू की।
कोचिंग फीस के दुरुपयोग की जांच
ईडी इस बात की जांच कर रही है कि कोचिंग से प्राप्त धनराशि का उपयोग निजी लाभ और अन्य संस्थाओं में निवेश के लिए तो नहीं किया गया।
देशभर में फैले हैं फिटजी के 73 केंद्र
फिटजी एक प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान है जो इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले छात्रों को IIT सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग देता है। इसके देशभर में 73 केंद्र हैं।
इस कार्रवाई ने हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच चिंता की लहर पैदा कर दी है। जांच पूरी होने तक स्थिति साफ होने की उम्मीद कम है।




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