
दिल्ली के सर्वोदय विद्यालयों में पढ़ने वाले प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए शिक्षा निदेशालय की नर्सरी-प्राइमरी शाखा ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 से नया मॉडल टाइम टेबल लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। यह टाइम टेबल राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य है—सीखने को आनंददायक, समावेशी और संतुलित बनाना।
नया ढांचा: खेल, कला और संवाद के साथ पढ़ाई
अब छात्र राइम, म्यूजिक और खेलों के ज़रिए पढ़ना-लिखना सीखेंगे। साथ ही, स्कूल बैग का बोझ कम करने पर भी ज़ोर दिया गया है। विशेष रूप से इस बात का ध्यान रखा गया है कि किसी भी दिन बच्चों को तीन से अधिक किताबें न लानी पड़ें।
नर्सरी से केजी तक की दिनचर्या
नर्सरी से लेकर केजी कक्षा में पहला पीरियड सर्कल टाइम/वार्तालाप (वैकल्पिक दिनों पर संख्यात्मकता और साक्षरता), दूसरा पीरियड अवधारणा समय/पूर्व-संख्यात्मकता का होगा उसके बाद दस मिनट का स्नैक ब्रेक मिलेगा। फिर तीसरा पीरियड कार्यपुस्तिका/ कॉर्नर टाइम का होगा, चौथे पीरियड साक्षरता और उसके बाद 20 मिनट का लंच ब्रेक होगा। पांचवा पीरियड में आर्ट एंड क्राफ्ट/गेम्स/प्ले टाइम, छठा पीरियड स्टोरी टाइम, सातवां पीरियड लाइब्रेरी और आठवां पीरियड राइम/म्यूजिक/शैक्षणिक गतिविधियों के लिए होगा। रोजाना पीरियड बदलते रहेंगे।
साप्ताहिक विषय-आधारित पीरियड विभाजन
कक्षा पहली और दूसरी के लिए प्रत्येक हफ्ते में हिंदी विषय के 15, इंग्लिश के दस, गणित के दस, आर्ट एंड क्राफ्ट के पांच, गेम्स/प्ले टाइम के चार, लाइब्रेरी के दो और दो पीरियड अतिरिक्त संवर्धन गतिविधियों (एईए) के लिए होंगे। एईए यानि मुख्य पाठ्यक्रम या कार्यक्रम के अलावा छात्रों के अनुभव को बेहतर बनाने, ज्ञान और कौशल को बढ़ाने, रचनात्मकता वाले पीरियड होंगे। वहीं, कक्षा तीसरी, चौथी और पांचवीं के लिए हर हफ्ते में हिंदी के छह, इंग्लिश के नौ, गणित के आठ, द वर्ल्ड अराउंड अस/पर्यावरण अध्ययन के दस, आर्ट के पांच, फिजिकल एजुकेशन के पांच, लाइब्रेरी के दो और अतिरिक्त संवर्धन गतिविधियों के तीन पीरियड होंगे।
शैक्षणिक दृष्टिकोण और उद्देश्य
निदेशालय के अनुसार, नया टाइम टेबल बच्चों को आलोचनात्मक सोच, नैतिक मूल्यों, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी की ओर प्रेरित करेगा। छात्रों की भावनात्मक बुद्धिमत्ता और संवाद क्षमता को विकसित करने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ—जैसे शतरंज, कैरम, स्क्रैबल आदि को भी शामिल किया गया है।
स्कूलों को निर्देश
सभी सर्वोदय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को मॉडल टाइम टेबल को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि छात्रों को एक समृद्ध और संतुलित शिक्षा अनुभव मिल सके।
यह पहल न केवल शैक्षणिक उद्देश्यों की पूर्ति करेगी, बल्कि बच्चों के मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास को भी सशक्त बनाएगी।




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