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स्कूलों में स्मार्टफोन लाने की अनुमति देने के पक्ष में नहीं ज्यादातर स्कूल; कुछ संस्थानों ने शर्तों के साथ दी अनुमति

दिल्ली के अधिकांश स्कूल छात्रों को स्मार्टफोन लाने की अनुमति देने के पक्ष में नहीं हैं। हालांकि, कुछ स्कूलों ने सीमित शर्तों के तहत इसकी अनुमति देने का मसौदा तैयार किया है। शिक्षा निदेशालय द्वारा स्कूलों को स्मार्टफोन इस्तेमाल को लेकर नीति बनाने और उसे लागू करने के निर्देश दिए गए थे। यह आदेश निदेशालय को कोर्ट के निर्देश के बाद मिला था।

क्या कह रहे हैं स्कूल प्रमुख?
मयूर विहार फेज-3 स्थित विद्या बाल भवन सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. सतवीर शर्मा ने बताया कि उनके स्कूल में छात्रों को शर्तों के साथ स्मार्टफोन लाने की अनुमति दी गई है। फोन को स्कूल आते ही लॉकर में जमा करना होता है और छुट्टी के समय ही वापस मिलता है। किसी आपात स्थिति में छात्र स्कूल के लैंडलाइन नंबर का उपयोग कर सकते हैं, जिसे अभिभावकों के साथ साझा किया गया है।

वहीं, नेशनल विक्टर पब्लिक स्कूल (पटपड़गंज) की प्रधानाचार्य डॉ. वीना मिश्रा ने बताया कि उनके स्कूल में स्मार्टफोन लाने की अनुमति नहीं दी गई है। उनका मानना है कि इससे छात्रों में सामाजिक असमानता बढ़ेगी और दुरुपयोग की भी संभावना बनी रहेगी। जरूरत पड़ने पर छात्र कीपैड फोन ला सकते हैं और हर मंजिल पर इमरजेंसी फोन की सुविधा भी दी गई है।

लिटिल फ्लावर्स पब्लिक स्कूल (शिवाजी पार्क) के प्रबंध निदेशक रोहित दुआ ने बताया कि स्कूल ने छात्रों को स्मार्टफोन लाने की सशर्त अनुमति दी है, लेकिन कक्षा में उनका इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। फोन बंद करके रखना होगा और जरूरत पड़ने पर शिक्षक की अनुमति से ही उसका उपयोग संभव होगा।

कस्तूरी राम इंटरनेशनल स्कूल (नरेला) की प्रधानाचार्य सुचित्रा कत्याल ने बताया कि पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग में अधिकतर अभिभावकों ने बच्चों को स्मार्टफोन देने के विरोध में राय दी है, विशेषकर बढ़ते स्क्रीन टाइम और संभावित दुरुपयोग को लेकर। इसके बाद स्कूल ने स्मार्टफोन की अनुमति न देने का फैसला किया है।

अन्य संस्थानों और अभिभावकों की राय
एक्शन कमेटी ऑफ अनएडेड रिकॉग्नाइज्ड प्राइवेट स्कूल्स के अध्यक्ष भरत अरोड़ा ने कहा कि अधिकतर स्कूल स्मार्टफोन के खिलाफ हैं। कुछ जरूरतमंद छात्रों के लिए गार्ड रूम में फोन जमा करने की सुविधा दी जा रही है।

दिल्ली अभिभावक संघ की अध्यक्ष अपराजिता गौतम का मानना है कि छात्रों को स्कूल में स्मार्टफोन लाने की अनुमति नहीं होनी चाहिए। यदि सुरक्षा कारणों से लाना जरूरी हो, तो फोन को स्कूल रिसेप्शन पर जमा कराना चाहिए और छुट्टी के समय वापस दिया जाए।

Asmita Sarkar

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