
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 से स्नातक पाठ्यक्रम रूपरेखा UGCF 2022 के तहत अध्ययनरत सभी छात्रों को चौथे वर्ष, यानी सातवें सेमेस्टर में प्रवेश देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में विश्वविद्यालय द्वारा आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
डीयू के अनुसार, UGCF 2022 के अंतर्गत नामांकित छात्रों की छठे से सातवें सेमेस्टर में प्रगति सार्वभौमिक मानी जाएगी और यह किसी भी प्रकार के प्रतिबंध के अधीन नहीं होगी, बशर्ते छात्र पदोन्नति के लिए निर्धारित नियमों को पूरा करते हों। छात्र संघ की ओर से इस फैसले का स्वागत किया गया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के उपाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने इसे छात्रों के भविष्य के लिए सशक्त कदम बताया और कहा कि यह निर्णय संगठित छात्र शक्ति की मजबूत आवाज का परिणाम है। सचिव मित्रविंदा कर्णवाल ने डीयू प्रशासन से यह अपेक्षा जताई कि वह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के कार्यान्वयन से जुड़ी सभी भ्रम की स्थितियों को समाप्त कर छात्रों को स्पष्ट और समयबद्ध दिशा-निर्देश प्रदान करे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि यह निर्णय उनके लंबे संघर्ष और निरंतर प्रयासों का परिणाम है, जिससे अब वर्ष 2022 में UGCF ढांचे के अंतर्गत दाखिला लेने वाले छात्र चौथे वर्ष में प्रवेश कर सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि UGCF 2022 को दिल्ली विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप तैयार किया है, जिसके तहत स्नातक शिक्षा को चार वर्षों में विभाजित किया गया है और छात्रों को अंतिम वर्ष में अनुसंधान या विषय विशेषज्ञता का अवसर दिया जाता है।




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